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सीमा पर तनाव घटाने की कवायद तेज़, मिजोरम वापस लेगी हिमंत के खिलाफ FIR, असम ने भी बढ़ाया हाथ

असम या मिजोरम की तरफ से मामले की जांच के लिए किसी भी न्यूट्रल एजेंसी की मांग नहीं की गई है और केंद्र सरकार की भी सीबीआई द्वारा मामले की जांच कराने की कोई योजना नहीं है. (ANI/30 July 2021)

असम या मिजोरम की तरफ से मामले की जांच के लिए किसी भी न्यूट्रल एजेंसी की मांग नहीं की गई है और केंद्र सरकार की भी सीबीआई द्वारा मामले की जांच कराने की कोई योजना नहीं है. (ANI/30 July 2021)

Assam Mizaram Border issue: मिजोरम के साथ सीमा विवाद में असम पुलिस के 6 लोगों की मौत हो गई थी और तब से दोनों राज्यों के बीच गतिरोध बना हुआ था. दोनों राज्यों ने सीमा पर अपने सुरक्षा कर्मी तैयार कर रखे थे, बावजूद कि केंद्रीय पुलिस बल भी तैनात थे. दोनों राज्य पीछे हटने को भी तैयार नहीं थे.

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    गुवाहाटी. असम-मिजोरम सीमा (Assam Mizaram Border issue) पर हिंसा भड़कने के लगभग एक हफ्ते बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने रविवार को दोनों राज्यों के लोगों और सुरक्षा कर्मियों के बीच तनाव कम करने की मांग की है. इसे दोनों राज्यों के बीच तनाव कम करने की दिशा में पहले कदम के रूप में देखा जा सकता है. मिजोरम सरकार (Mizoram Government) ने कहा है कि वह 30 जुलाई को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी वापस लेगी. वहीं सरमा ने भी असम पुलिस को मिजोरम से राज्यसभा सांसद के. वनलालवेना के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) वापस लेने के निर्देश दिए. वनलालवेना ने असम-मिजोरम सीमा पर बीते सोमवार को हुई हिंसा के बाद ‘धमकी’ भरा बयान दिया था, जिसके चलते असम पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है.

    सीमा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा (Mizoram CM Zoramthanga) के साथ टेलीफोन पर बातचीत की है. बातचीत के बाद जोरामथंगा ने ट्वीट किया, ‘मौजूदा स्थिति में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए मैं मिजोरम के लोगों से अपील करूंगा कि वे किसी भी तरह का संवेदनशील मैसेज पोस्ट ना करें और सोशल मीडिया का इस्तेमाल सकारात्मक रूप में करें.’

    शाह और सरमा के साथ बातचीत के बाद मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘तीनों लोगों ने असम-मिजोरम सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने पर सहमति व्यक्त की है.’ दो घंटे बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट किया, “सीमा पर जो भी हुआ, वह दोनों राज्यों के लोगों को अस्वीकार्य है. हमारा मुख्य फोकस नॉर्थ ईस्ट की भावना को जीवित रखने पर है. आदरणीय मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने मुझे क्वारंटीन अवधि के बाद फोन करने का वादा किया है. सीमा विवाद सिर्फ बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है.

    मिजोरम के साथ सीमा विवाद में असम पुलिस के 6 लोगों की मौत हो गई थी और तब से दोनों राज्यों के बीच गतिरोध बना हुआ था. दोनों राज्यों ने सीमा पर अपने सुरक्षा कर्मी तैयार कर रखे थे, बावजूद कि केंद्रीय पुलिस बल भी तैनात थे. दोनों राज्य पीछे हटने को भी तैयार नहीं थे.

    पीटीआई ने केंद्र सरकार के दो अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी थी कि केंद्र मसले का हल शांतिपूर्ण तरीके से चाहता है. गृहमंत्री अमित शाह लगातार दोनों मुख्यमंत्री के संपर्क में थे. इनमें से एक अधिकारी ने कहा था कि “दोनों राज्य सरकारें सहयोग कर रही हैं और केंद्र सरकार आश्वस्त है कि भविष्य में सीमा पर फिर कोई विवाद नहीं होगा.”

    दोनों अधिकारियों ने यह भी कहा था कि असम या मिजोरम की तरफ से मामले की जांच के लिए किसी भी न्यूट्रल एजेंसी की मांग नहीं की गई है और केंद्र सरकार की भी सीबीआई द्वारा मामले की जांच कराने की कोई योजना नहीं है.

    सरमा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने हमेशा शांति चाही है. सरमा ने कहा, “हमने कभी भी किसी की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश नहीं की है. वास्तव में, पिछले साल (तब सर्बानंद सोनोवाल असम के मुख्यमंत्री थे) जब सीमा विवाद सुलगा तब भी हमने बातचीत के जरिए इसे सुलझाने की बात कही. जो कुछ भी हो रहा है, वह अच्छा नहीं है. खासतौर पर जब हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास है.”

    उन्होंने कहा, “असम सरकार किसी भी समय मिजोरम सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है. चाहे आइजल, सिचलर या गुवाहाटी में बात हो.” सरमा ने कहा, “तीन चार दिन पहले जोरामथंगा से मेरी बात हुई है. मैंने उन्हें फोन किया था और 20 मिनट के करीब बात हुई. उन्होंने कहा कि क्वारंटीन की अवधि खत्म होने के बाद बात करेंगे. मुझे पूरी उम्मीद है कि वे फोन करेंगे.”

    जोरामथंगा अभी क्वारंटीन में चल रहे हैं, उनका पीएसओ कोविड पॉजिटिव पाया गया था. सोमवार को जोरामथंगा का रिजल्ट आने की उम्मीद है.

    बता दें कि मिजोरम पुलिस ने शुक्रवार को कोलासिब जिले के वैरेंगते नगर के बाहरी हिस्से में हुई हिंसा के मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, राज्य पुलिस के चार वरिष्ठ अधिकारियों और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज की है. मिजोरम के पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) जॉन एन ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इन लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास और आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

    पढ़ेंः 1930 के दशक में सादुल्ला ने जो नुकसान किया उसकी भरपाई नहीं हो सकती: सरमा

    उन्होंने कहा कि सीमांत नगर के पास मिजोरम और असम पुलिस बल के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार देर रात को राज्य पुलिस द्वारा वैरेंगते थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उन्होंने बताया कि असम पुलिस के 200 अज्ञात कर्मियों के खिलाफ भी मामले दर्ज किये गए हैं.

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