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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 5 लाख रुपये दान करेंगे मुस्लिम संगठन

News18Hindi
Updated: November 17, 2019, 5:49 PM IST
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 5 लाख रुपये दान करेंगे मुस्लिम संगठन
असम के मुस्लिम संगठन ने राम मंदिर निर्माण के लिए 5 लाख रुपये दान देने का ऐलान किया है.

संगठन की ओर से कहा गया कि देश की एकता के प्रति मुस्लिमों की एकजुटता दिखाने और हिंदुओं की मंदिर निर्माण के प्रति आस्था को देखते हुए यह फैसला किया गया है.

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  • Last Updated: November 17, 2019, 5:49 PM IST
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गुवाहटी. अयोध्या (Ayodhya) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए असम (Assam) के 21 मुस्लिम संगठनों ने राम मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण के लिए ट्रस्ट में 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है. जोमोगुस्थिया सोमोन्नय परिषद असम (जेएसपीए) ने राम मंदिर के निर्माण के लिए सहयोग देने का ऐलान किया है.

संगठन की ओर से कहा गया कि देश की एकता के प्रति मुस्लिमों की एकजुटता दिखाने और हिंदुओं की मंदिर निर्माण के प्रति आस्था को देखते हुए यह फैसला किया गया है.

संगठन ने किया फैसले का स्वागत
जेएसपीए के चेयरमैन और बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता सैयद मुमीनुल ओवाल ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हम खुश हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक लंबे विवाद का अंत हुआ. हम मंदिर के लिए 5 लाख रुपये का दान देंगे क्योंकि हम भी इस ऐतिहासिक फैसले बनना चाहते हैं और देश की एकता और भाईचारे को मजबूत करना चाहते हैं.

इन 21 संगठनों में गोरिया, मोरिया, देशिया, जल्हा, मैमल और कचरी मुस्लिम शामिल हैं जिनके पूर्वजों ने राज्य के कई जातीय समूहों से निकलकर इस्लाम कबूल कर लिया था.

रिव्यू पिटीशन दाखिल करेगी जमीयत उलेमा-ए-हिंद
वहीं देश के प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने रविवार को कहा कि उनका संगठन अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेगा. इस विषय पर संगठन की ओर से बनाए गए पांच सदस्यीय पैनल की कानून के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करने के बाद बनी राय के आधार पर यह निर्णय लिया गया.
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मौलाना मदनी ने एक बयान में कहा, 'माननीय उच्चतम न्यायालय ने एक हजार से अधिक पृष्ठों वाले निर्णय में मुस्लिम पक्ष के अधिकतर तर्कों को स्वीकार किया. ऐसे में अभी भी कानूनी विकल्प मौजूद हैं. '

उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमान मस्जिद स्थानांतरित नहीं कर सकता इसलिए वैकल्पिक जमीन लेने का सवाल ही नहीं उठता.

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने गत शनिवार को सर्वसम्मत फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया और केन्द्र को निर्देश दिया कि नई मस्जिद के निर्माण के लिये सुन्नी वक्फ बोर्ड को प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ का भूखंड आवंटित किया जाए.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस व्यवस्था के साथ ही राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील 134 साल से भी अधिक पुराने इस विवाद का निपटारा कर दिया

(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: November 17, 2019, 5:49 PM IST
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