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असम NRC की वेबसाइट से अचानक गायब हुआ सारा डेटा, गृह मंत्रालय ने कहा- चिंता की जरूरत नहीं

News18Hindi
Updated: February 12, 2020, 11:26 AM IST
असम NRC की वेबसाइट से अचानक गायब हुआ सारा डेटा, गृह मंत्रालय ने कहा- चिंता की जरूरत नहीं
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NRC अधिकारियों ने डेटा के गायब होने का कारण आईटी फर्म विप्रो के साथ कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू ना होने को बताया है.

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  • Last Updated: February 12, 2020, 11:26 AM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) की अंतिम सूची का सारा डेटा आधिकारिक वेबसाइट से ऑफलाइन हो गया है. इस पीछे आईटी कंपनी विप्रो के साथ अनुबंध का नवीनीकरण (कॉन्ट्रैक्ट रीन्यू) नहीं होने को वजह बताया जा रहा है. इस मामले पर विपक्षी कांग्रेस (Congress) ने इसे एक ‘दुर्भावनापूर्ण घटना’ करार दिया है. वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि एनआरसी का सारा डेटा सुरक्षित है और किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं.

बता दें कि 31 अगस्त 2019 को एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम शामिल और बाहर किए जाने का पूरा विवरण आधिकारिक वेबसाइट www.nrcassam.nic.in पर अपलोड किया गया था. हालांकि, यह डेटा पिछले कुछ दिनों से उपलब्ध नहीं है और इसने लोगों में, खासतौर पर सूची से बाहर किए गए लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है क्योंकि उनके नाम खारिज किए जाने का प्रमाणपत्र उन्हें जारी किया जाना अभी बाकी है.

पीटीआई के मुताबिक, इस बाबत संपर्क किए जाने पर एनआरसी के स्टेट कोआर्डिनेटर हितेश देव शर्मा ने स्वीकार किया कि डेटा ऑफलाइन हो गया है, लेकिन इसके पीछे दुर्भावनापूर्ण इरादा होने के आरोप को खारिज कर दिया.

वहीं इस घटनाक्रम पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि एनआरसी डेटा सुरक्षित है. मंत्रालय द्वारा 'क्लाउड में कुछ तकनीकी समस्या' का हवाला दिया गया है. मंत्रालय ने कहा कि समस्या 'जल्द ही यह समस्या हल कर ली जाएगी.'

 'ऑनलाइन डेटा का गायब होना दुर्भावनापूर्ण'
वहीं हितेश देव शर्मा ने कहा, ‘भारी मात्रा में डेटा के लिए विप्रो ने क्लाउड सेवा मुहैया की थी और उनका अनुबंध पिछले साल अक्टूबर तक था. हालांकि इसका पहले के समन्वयक ने नवीनीकरण नहीं किया. इसलिए विप्रो द्वारा इसे निलंबित किए जाने के बाद डेटा 15 दिसंबर से ऑफलाइन हो गया. मैंने 24 दिसंबर को प्रभार संभाला था.’

उन्होंने बताया कि राज्य समन्वय समिति ने 30 जनवरी की बैठक में आवश्यक औपचारिकताएं करने का फैसला किया था और फरवरी के प्रथम सप्ताह में विप्रो को पत्र लिखा था. शर्मा ने कहा, ‘विप्रो जब डेटा लाइव कर देगा, यह लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगा. हम आशा करते हैं कि लोग दो-तीन दिनों में यह देख सकेंगे.’इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने भारत के महापंजीयक को पत्र लिखा और उनसे इस विषय को फौरन देखने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ‘...इस बारे में पूरा संदेह है कि ऑनलाइन डेटा का गायब होना दुर्भावनापूर्ण कार्य है.’ (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: February 12, 2020, 10:55 AM IST
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