Assembly Banner 2021

West Bengal Elections 2021: बंगाल में ममता बनर्जी का 'खेला' खराब करेंगे असदुद्दीन ओवैसी? AIMIM का ये है गेम प्लान

असदुद्दीन ओवैसी (फ़ाइल फोटो)

असदुद्दीन ओवैसी (फ़ाइल फोटो)

West Bengal Assembly Election 2021: असदुद्दीन ओवैसी बिहार की कामयाबी को पश्चिम बंगाल में भी दोहराना चाहते हैं. बिहार में एआईएमआईएम (AIMIM) ने सीमांचल की 20 सीटों पर अपने कैंडिडेट खड़े किए थे, जहां उन्हें 5 अहम सीटों पर जीत मिली थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 9, 2021, 11:52 AM IST
  • Share this:
(स्वासतिका दास)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) के लिए खेल शुरू हो गया है. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने अपने सारे उम्मीदवारों की लिस्ट पिछले हफ्ते ही जारी कर दी. उधर पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान पर विशाल रैली कर चुनावी बिगुल बजा दिया है, लेकिन अभी तक असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है. कहा जा रहा है कि ओवैसी फिलहाल राज्य की चुनावी गहमागहमी पर नज़र टिकाए हैं और जल्द इस बात का ऐलान कर देंगे कि वो कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने वाले हैं.

AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बंगाल के कॉर्डिनेटर असीम वकार का कहना है कि पार्टी को बंगाल से अच्छे फिडबैक मिल रहे हैं. ऐसे में जल्द ही उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक AIMIM 20 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. उधर सोमवार को ओवैसी ने कहा कि वक्त आने पर वो बंगाल के बारे में चर्चा करेंगे. लिहाजा पार्टी इस बात के इंतजार में है कि आखिर कब AIMIM की लिस्ट आएगी.



उम्मीदवारों की लिस्ट में देरी क्यों?
कहा जा रहा है कि AIMIM के लोग फिलहाल फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्सास सिद्दीकी की पार्टी ISF की लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं. ISF ने लेफ्ट और कांग्रेस के साथ गठबंधन का ऐलान किया है. लेफ्ट और कांग्रेस ने अपनी अलग-अलग लिस्ट जारी कर दी है, लेकिन सिद्दीकी की तरफ से हर किसी को पहली लिस्ट का इंतज़ार है. बता दें कि पहले AIMIM ने ISF के साथ हाथ मिलाने के संकेत दिए थे, लेकिन बाद में वो कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन के साथ चले गए. सूत्रों के मुताबिक जिन दिनों ISF के साथ ओवैसी की बात चल रही थी उन्ही दिनों AIMIM ने 25 उम्मीदवारों की एक लिस्ट सिद्दीकी को भेजी थी. ऐसे में इसी लिस्ट को थोड़ी फेरबदल के साथ तैयार किया जा सकता है.

बिहार की कामयाबी दोहराना चाहते हैं ओवैसी
ओवैसी बिहार की कामयाबी को बंगाल में दोहराना चाहते हैं. बिहार में AIMIM ने सीमांचल के 20 सीटों पर अपने कैंडिडेट खड़े किए थे, जहां उन्हें 5 अहम सीटों पर जीत मिली थी. AIMIM की जीत से लालू प्रसाद यादव की पार्टी RJD और कांग्रेस के गठबंधन को भारी नुकसान हुआ था. महागठबंधन कुछ सीटों के चलते सत्ता से दूर रह गई थी. ऐसे में एक बार फिर से ओवैसी बंगाल में ऐसे सीटों पर चुनाव लड़ने के मूड में है जहां मुसलमानों की संख्या ज्यादा है.

इन ज़िलों पर है नज़र
बंगाल में पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि AIMIM की नजर मुर्शिदाबाद, बीरभूम, नादिया, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, कूच बिहार, अलीपुरद्वार और मालदा जैसे जिलों पर है. इन जिलों में पार्टी के कार्यकर्ता लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं. यहां पार्टी की तरफ से डोर-टू-डोर कैंपेन चलाया गया है. इसके अलावा ऑनलाइन और ऑफलाइन सदस्यता अभियान भी चलाया गया है. साल 2011 की जनगणना के अनुसार यहां करीब लगभग 27% मुस्लिम रहते हैं. AIMIM के एक वरिष्ठ नेता का कहना है, 'हम इन क्षेत्रों में अपना आधार बढ़ाने पर काम कर रहे हैं और कई सीटें जीतने के लिए आश्वस्त हैं क्योंकि लोग यहां बदलाव चाहते हैं.'

ये भी पढ़ें:- अगले 9 दिन रावत के ल‍िए काफी अहम, क्‍या उत्‍तराखंड की राजनीति में आएगा भूचाल?

बिहार के 5 MLA बंगाल में
ओवैसी नेअपने बिहार के 5 विधायकों को पहले ही प्रचार के लिए बंगाल भेज दिया है. ये नेता वहां जमीन स्तर पर लोगों से संपर्क साध रहे हैं. इसके अलावा ये सारे MLA पार्टी के लिए इंटरनल सर्वे भी कर रहे हैं. इन सभी को बिहार के सीमांचल के करीब के जिलों को सौंपा गया है. AIMIM बिहार इकाई के अध्यक्ष अख्तरुल इमाम, जो अमौर के विधायक भी हैं, और युवा अध्यक्ष आदिल हसन को मुर्शिदाबाद, बीरभूम और नादिया जिलों का प्रभार दिया गया है. जोकीहाट के विधायक मोहम्मद शाहनवाज और कोचाधामन के विधायक इज़हार असफ़ी उत्तर बंगाल में दक्षिण और दिनाजपुर, कूच बिहार और अलीपुरद्वार में पार्टी के चुनाव अभियान की देखरेख कर रहे हैं. बहादुरगंज के विधायक अंजार नईमी और बायसी के विधायक सैयद अहमद को मालदा जिले के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.

मुस्लिम वोट बेहद अहम
माना जा रहा है कि बिहार में मुस्लिम वोट बेहद अहम होगा. इन वोटों पर TMC, ISF और AIMIM तीनों की नज़र है. ऐसे में यहां वोटों का बंटवारा हो सकता है. कहा जा रहा है कि इससा फायदा बीजेपी को मिल सकता है. बीजेपी ने पहले से ही 200 से ज़्यादा सीटों पर चुनाव जीतने का दावा कर दिया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज