Assembly Election Results 2021: बंगाल से लेकर केरल तक कांग्रेस के लिए बुरी ही बुरी खबर

केरल में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता रहा है और ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह एक बार फिर सत्ता में आएगी.

केरल में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता रहा है और ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह एक बार फिर सत्ता में आएगी.

असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुल 822 सीटों पर मतों की गिनती जारी है. अबतक के नतीजों और रुझानों पर नजर डालें तो बंगाल से लेकर केरल तक कांग्रेस के लिए हर जगह से बुरी खबर सुनने को मिल रही है.

  • Share this:
नई दिल्ली. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 2021 (Assembly Election Results) के लिए वोटों की गिनती शुरू हो गई है. असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुल 822 सीटों पर मतों की गिनती जारी है. अबतक के नतीजों और रुझानों पर नजर डालें तो बंगाल से लेकर केरल तक कांग्रेस के लिए हर जगह से बुरी खबर सुनने को मिल रही है. इन पांच राज्यों के चुनाव के बाद ममता बनर्जी और वाम दल के साथ कांग्रेस का भविष्य भी दांव पर लगा हुआ था. इसके साथ ही भाजपा की साख की भी अग्निपरीक्षा हो रही है. ऐसे में कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी इन 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी अपनी जगह खोती दिख रही है.

खबर लिखे जाने तक पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने निर्णायक बढ़त बना ली है तो असम में भी सत्तारुढ़ भाजपा और केरल में वाम मोर्चा एक बार फिर से जीत की तरफ बढ़ते नजर आ रहे हैं. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से यही संकेत मिलता है कि इन राज्यों में सत्तापक्ष एक बार फिर सरकार बनाने की ओर अग्रसर है तो तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक की अगुवाई वाला गठबंधन अन्नाद्रमुक को सत्ता से बेदखल की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है. केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में एआईएनआरसी नीत राजग जीत की तरफ बढ़ रहा है.

Youtube Video


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम Live: बंगाल में चला 'जोड़ा फूल', पिछली बार से भी आगे निकली तृणमूल
कई दशकों तक पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज रहे वाम दलों और कांग्रेस का इस चुनाव में सफाया हो गया. असम में भाजपा की अगुवाई वाली राजग एक बार फिर से सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रहा है. राजग 126 सीटों में से 79 पर बढ़त बनाए हुए है. इनमें से भाजपा के उम्मीदवार 62 सीटों पर आगे हैं. कांग्रेस की अगुवाई वाला ‘महाजोत’ असम में सिर्फ 38 सीटों पर बढ़त बना सका हैं. इनमें से कांग्रेस 25 सीटों पर आगे है.

केरल में पिछले चार दशकों यह परिपाटी टूटती नजर आ रही है कि हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होगा. केरल में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता रहा है और ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह एक बार फिर सत्ता में आएगी, लेकिन इस बार माकपा की अगुवाई वाला एलडीएफ फिर से सरकार जीत हासिल करता नजर आ रहा है.

मुस्लिम, मतुआ, महिला और ममता- बंगाल चुनाव में टीएमसी के शानदार प्रदर्शन के ये हैं अहम फैक्टर



यह गठबंधन के दो प्रमुख घटक माकपा और भाकपा कुल 71 सीटों पर आगे हैं. राज्य में कुज 140 विधानसभा सीटें हैं. दक्षिण भारत में भाजपा के लिए अच्छी खबर यह है कि वह केरल में तीन और तमिलनाडु में चार विधानसभा सीटों पर आगे है. अब तक इन दोनों राज्यों में भाजपा अपनी पकड़ बनाने के लिए संघर्ष करती रही है.

पार्टी टैली के अनुसार खबर लिखे जाने तक नतीजे कुछ इस तरह हैं:



गठबंधन टैली के अनुसार खबर लिखे जाने तक नतीजे कुछ इस तरह हैं:



बता दें कि तमिलनाडु में एक दशक तक सत्ता में रहने के बाद अन्नाद्रमुक हार की तरफ बढ़ती नजर आ रही है. वह 234 सदस्यीय विधानसभा की सिर्फ 79 सीटों पर आगे है. प्रदेश में विपक्षी द्रमुक की अगुवाई वाला गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रहा है. राज्य में यह पहला चुनाव है, जिसमें द्रमुक एम करुणानिधि और अन्नाद्रमुक जयललिता की गैरमौजूदगी में चुनाव लड़ रही हैं. दोनों नेताओं का कुछ साल पहले निधन हो गया. चुनाव आयोग ने विजय जुलूस निकालने और भीड़ जमाकर जश्न बनाने पर रोक लगाई है, लेकिन कई स्थानों पर कुछ पार्टियों के कार्यकर्ता जीत का जश्न मनाते देखे गए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज