Assembly Election Results: ममता से लेकर सरमा तक, इन 10 प्रत्‍याशियों पर रहेगी नजर

बड़े नेताओं की किस्‍मत का फैसला रविवार को आएगा. (File pic)

बड़े नेताओं की किस्‍मत का फैसला रविवार को आएगा. (File pic)

Assembly Election Results: पांच राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश की कुल 822 विधानसभा सीटों पर हुई वोटिंग की मतगणना आज होगी.

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नई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal Election Results), तमिलनाडु (Tamil Nadu Election Result), असम (Assam Election Results), केरल (Kerala Election Results) और पुडुचेरी (Puducherry Election Results) समेत पांच राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश की कुल 822 विधानसभा सीटों पर हुई वोटिंग की मतगणना आज यानि रविवार को होगी. इन सबमें पश्चिम बंगाल काफी अहम राज्‍य है. इस पर सबकी नजरें हैं. तमिलनाडु में डीएमके के जीतने के कयास लगाए जा रहे हैं. इन चुनाव में 10 ऐसे बड़े नाम हैं, जिनकी जीत या हार पर सबकी नजरें रहेंगी. आइये जानते हैं इनके बारे में...

ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव साख का सवाल जैसा है. बंगाल में ममता बनर्जी और बीजेपी की सीधी चुनावी जंग कही जा सकती है. ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा है. उनके खिलाफ बीजेपी की ओर से शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव लड़ा है. शुभेंदु अधिकारी पहले टीएमसी में ही थे और ममता बनर्जी के काफी करीबी थे.

एमके स्‍टालिन
इस बार अगर एग्जिट पोल पर विश्‍वास किया जाए तो ऐसे में तमिलनाडु में डीएमके की जीत संभव दिख रही है. ऐसे में डीएमके प्रमुख एमके स्‍टालिन ने इस बार कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर एआईएडीएमके के खिलाफ चुनाव लड़ा. जयललिता के निधन के बाद से ही एआईएडीएमके नेतृत्‍व को लेकर संकट में है. जबकि एम करुणानिधि के निधन के बाद एमके स्‍टालिन ने आगे आकर डीएमके की बागडोर संभाली थी.

टीटीवी दिनाकरण

एक समय एआईएडीएमके की प्रमुख जयललिता के करीबी रहे टीटीवी दिनाकरण को पार्टी से निकाला जा चुका है. दिनाकरण ने इसके बाद खुद की पार्टी अम्‍मा मक्‍कल मुन्‍नेत्र कझगम (AMMK) बनाई. शुरुआत से ही यह पार्टी राजनीतिक भविष्‍य के लिए जद्दोजहद कर रही है. दिनाकरण ने मार्च 2018 में पार्टी बनाई थी.



शुभेंदु अधिकारी

कभी पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के काफी करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी ने इस बार उनके ही खिलाफ बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ा है. ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी, दोनों ने ही बंगाल की नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा है. इस बार उनके ऊपर सबकी नजरें हैं.

बदरुद्दीन अजमल

एक ओर जहां असम में इस बार बीजेपी के दूसरी बार आने की संभावनाएं अधिक हैं, वहीं दूसरी ओर बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने भी इन चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है. कांग्रेस ने इस बार अजमल की पार्टी से हाथ मिलाया है.

ई पलानीस्‍वामी

तमिलनाडु में इस बार एग्जिट पोल में भले ही डीएमके का बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, लेकिन एआईएडीएमके के नेता और मुख्‍यमंत्री ई पलानीस्‍वामी की साख भी दांव पर लगी है.

ई श्रीधरन

भारत में मेट्रो मैन के नाम से विख्‍यात ई श्रीधरन केरल में बीजेपी की ओर से मुख्‍यमंत्री चेहरे के रूप में पेश किए गए हैं.

पिनाराई विजयन

कोरोना वायरस से लेकर 2018 में आई बाढ़ तक, केरल की विजयन सरकार ने कई संकट देखे हैं. देश में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला केस भी केरल में ही आया था. ऐसे में पिनाराई के नेतृत्‍व में एलडीएफ के इस बार फिर जीतने की संभावना एग्जिट पोल में दिखाई दे रही है.

केके शैलजा

पेशे से टीचर हैं और केरल की स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री भी हैं. 2020 की शुरुआत में जब दूसरे राज्‍य कोरोना संक्रमण से निपटने के उपाय खोज रहे थे, जब केके शैलजा ऐसा कर चुकी थीं. उनके उपायों के कारण केरल ने इस महामारी को रोकने में काफी मदद की.



हेमंत बिस्‍व सरमा

हेमंत बिस्‍व सरमा असम के मंत्री हैं. वह पहले कांग्रेस में थे. इसके बाद वह 2016 में बीजेपी में शामिल हुए थे. इस बार चुनाव आयोग ने उन पर भी विवादित टिप्‍पणी के लिए 48 घंटे का प्रतिबंध लगाया था.
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