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विधानसभा चुनाव रिजल्‍ट: बड़ी जीत नहीं लेकिन बीजेपी-शिवसेना की महाराष्ट्र में वापसी तय, हरियाणा पर फंसा पेंच

News18Hindi
Updated: October 25, 2019, 6:03 AM IST
विधानसभा चुनाव रिजल्‍ट: बड़ी जीत नहीं लेकिन बीजेपी-शिवसेना की महाराष्ट्र में वापसी तय, हरियाणा पर फंसा पेंच
हरियाणा में सत्ता की चाभी JJP के दुष्यंत चौटाला के पास है (न्यूज18 क्रिएटिव- मीर सुहैल)

महाराष्ट्र (Maharashtra) और हरियाणा (Haryana) दोनों के ही विधानसभा चुनाव नतीजों (Assembly Election Results) में बीजेपी (BJP) को अपने दम पर बहुमत से कम सीटें मिली हैं.

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  • Last Updated: October 25, 2019, 6:03 AM IST
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पथीकृत सेन गुप्ता

नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) और हरियाणा (Haryana) के विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) के लिए जब गुरुवार को गिनती शुरू हुई तो महाराष्ट्र से कई सारे चौंकाने वाले नतीजे आए हैं जबकि हरियाणा में रोलर कोस्टर जैसी स्थिति पैदा हो गई. विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की लोकप्रियता और सत्ताधारी दल की राष्ट्रवाद और कश्मीर की बातें क्षेत्रीय मुद्दों के सामने नहीं चल पाई.

बीजेपी (BJP) दोनों ही राज्यों में सबसे बड़ा दल बनकर उभरी है लेकिन उसकी सीटें ज्‍यादातर एग्जिट पोल्‍स के सर्वे में की गई भविष्यवाणियों से कम है. ऐसे में शिवसेना (Shiv Sena) को महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सत्ता के फॉर्मूले को अपने हिसाब से सेट करने के लिए और ज्यादा छूट मिल सकती है क्योंकि वे खुद भी बहुमत से बहुत पीछे हैं. जबकि हरियाणा में यह अमित शाह (Amit Shah) के नए तरीकों की परीक्षा होगी और दूसरे भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकारों की क्योंकि यहां कांग्रेस की सीटें भी बहुत कम नहींं है और एक त्रिशंकु विधानसभा की ओर हरियाणा बढ़ रहा है.

हरियाणा में सरकार की चाभी दुष्यंत चौटाला के पास

महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार बनाने के लिए, जीतने वाले दल या सहयोगियों को कुल 288 सीटों में से कम से कम 145 सीटों की जरूरत होती है. जबकि हरियाणा में विधानसभा (Haryana Assembly) में बहुमत पाने के लिए कुल 90 सीटों में से आधे का निशान 46 सीटों के साथ पार होता है.

महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों के ही विधानसभा चुनाव नतीजों में बीजेपी को अपने दम पर बहुमत से कम सीटें मिली हैं. ऐसे में उसे ज्यादा मुखर शिवसेना (Shiv Sena) का सामना करना पड़ेगा जो अब महाराष्ट्र में उससे सरकार में ज्यादा प्रभावी होने की कोशिश करेगी. हालांकि हरियाणा में कांग्रेस ने सत्ताधारी दल को झुकाने की कोशिश की है लेकिन यहां सरकार की चाभी अभी जेजेपी (JJP) के दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) के पास ही है.

दो युवा का दिन महाराष्ट्र-हरियाणा चुनाव
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गुरुवार का दिन दो युवाओं का था, हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (JJP) के दुष्यंत चौटाला का और महाराष्ट्र में शिव सेना के आदित्य ठाकरे का. दोनों ही उम्मीदवार अपनी-अपनी पार्टियों के मजबूत प्रदर्शन के बाद अपने-अपने राज्यों में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आंखें जमाए हुए हैं. जबकि सूत्रों ने बताया है कि जेजेपी प्रमुख उस पार्टी के साथ हाथ मिलाएंगे जो भी उन्हें हरियाणा के मुख्यमंत्री (CM of Haryana) का पद ऑफर करेगी. महाराष्ट्र में 29 साल के आदित्य ठाकरे भी इस पद के लिए जोर लगा सकते हैं लेकिन माना जा रहा है कि वे उप मुख्यमंत्री के पद से भी मान जाएंगे.

समर्थन के लिए कांग्रेस (Congress) और बीजेपी के चौटाला के पास पहुंचने की खबरों के बीच 31 साल के चौटाला ने कहा कि मैं किसी भी गठबंधन का हिस्सा बनने से पहले हरियाणा (Haryana) के लोगों से बात करूंगा. हालांकि तीनों ने ही किसी समर्थन की मांग से इंकार किया है.

महाराष्ट्र में पावर शेयरिंग के कई सारे फॉर्मूलों पर लग रहे कयास
आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पद पाने की बातों को चुनाव से पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस (Devendra Fadnavis) ने किनारे कर दिया था. उस समय बीजेपी नेता ने कहा था कि बिना किसी सवाल के वे फिर से इस पद पर आने वाले हैं.

लेकिन यह साफ हो चुका है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी है और इसे अपनी लंबे समय की सहयोगी शिव सेना (Shiv Sena) पर सत्ता में रहने के लिए निर्भर होना है, ऐसे में शिव सेना (Shiv Sena) सरकार में ज्यादा पावर की मांग कर सकती है. पार्टी इस समय 50-50 के पावर शेयरिंग फॉर्मूले (Power Sharing Formula) पर भी बातचीत कर रही है.

शिव सेना प्रमुख ने दिए आदित्य के पक्ष में संकेत
इसमें ऐसा भी हो सकता है कि मुख्यमंत्री के पद (CM Post) को दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल के लिए बांट दिया जाए.

शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "50-50 का फॉर्मूला तय किया गया था. बातचीत होनी चाहिए और यह तय किया जाना चाहिए कि मुख्यमंत्री (CM) कौन बनेगा." उन्होंने वरली विधानसभा सीट (Worli Assembly Constituency) से अपना पहला चुनाव जीतने के लिए अपने बेटे आदित्य ठाकरे को बधाई भी दी.

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First published: October 25, 2019, 6:02 AM IST
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