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तमिलनाडु में अन्नद्रमुक नीत मोर्चे से DMK ने नाता तोड़ा, हासन ने दिया साथ आने का न्योता

तमिलनाडु चुनाव

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Tamilnadu Assembly Elections: डीएमडीके के गठबंधन से बाहर होने के बाद मक्कल नीधि मैयम प्रमुख कमल हासन ने तुरंत ही विजयकांत को अपने साथ आने का न्योता देते हुए समान विचार रखने वाली अन्य पार्टियों को भी साथ आने को कहा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 9, 2021, 11:58 PM IST
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चेन्नई. तमिलनाडु में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों (Tamilnadu Assembly Elections) से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद के बाद सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक (AIADMK) के गठबंधन सहयोगी डीएमडीके (DMK) ने अपना रास्ता अलग कर लिया है. गौरतलब है कि राज्य में नामांकन भरने के अंतिम कुछ दिन ही बचे हुए हैं. अन्नाद्रमुक के साथ तीन दौर की बातचीत से कुछ सकारात्मक नहीं निकलने के बाद अभिनेता विजयकांत नीत डीएमडीके ने कहा कि वह गठबंधन से बाहर हो रहा है. इस गठबंधन में उसके अलावा पीएमके और भाजपा भी शामिल हैं.

डीएमडीके के गठबंधन से बाहर होने के बाद मक्कल नीधि मैयम प्रमुख कमल हासन ने तुरंत ही विजयकांत को अपने साथ आने का न्योता देते हुए समान विचार रखने वाली अन्य पार्टियों को भी साथ आने को कहा. उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व वाली गठबंधन ‘‘तीसरा नहीं बल्कि पहला मोर्चा है.’’ विजयकांत ने एक बयान में कहा कि अन्नाद्रमुक के साथ रिश्ता तोड़ने का फैसला यहां पार्टी के जिला सचिवों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया.

AIADMK ने पीएमके और भाजपा के साथ किया समझौता
अन्नाद्रमुक ने राज्य में पीएमके और भाजपा के साथ समझौता किया है और 234 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए दोनों पार्टियों को क्रमश: 23 और 20 सीटें दी हैं. भाजपा को कन्याकुमारी लोकसभा सीट भी दिया गया है, जहां उपचुनाव होने वाला है.
अन्नाद्रमुक द्वारा लिए गए कठोर फैसले से गुस्साए डीएमडीके के उप महासचिव एल. के. सुधीश ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी फिर से सरकार नहीं बना पाएगी और उसके सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाएगी.



गठबंधन से संबंध तोड़ने के कारण पर डीएमडीके के उपसचिव बी. पार्थसारथी ने पीटीआई-भाषा ने कहा, ‘‘हमने 23 सीटें मांगी थीं और हम चाहते थे कि 2011 में जिन 29 सीटों पर हमें जीत मिली थी, उनमें से चुनें. लेकिन, अन्नाद्रमुक इसपर राजी नहीं हुआ और हमने संबंध तोड़ने का फैसला लिया.’’

घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और मत्स्य पालन मंत्री डी. जयकुमार ने कहा कि डीएमडीके नेतृत्व को बिना कृतज्ञता के विचार नहीं रखने चाहिए क्योंकि पार्टी को 2011 के विधानसभा चुनावों के बाद ही उसे पहचान मिली.

भाजपा प्रवक्ता नारायण तिरुपति ने कहा कि डीएमडीके का यह कदम दुर्भाग्यपूर्ण है. गठबंधन धर्म वर्तमान वास्तविकता के आधार पर सहमति पर पहुंचना है.
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