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क्या धरती के करीब आने वाला एस्टेरॉयड अपोफिस तबाही का संकेत है, जानिए सच्चाई

क्या धरती के करीब आने वाला एस्टेरॉयड अपोफिस तबाही का संकेत है, जानिए सच्चाई

नासा लगातार इस एस्टेरोइड पर नजर रखे हुए है. सांकेतिक तस्वीर.

नासा लगातार इस एस्टेरोइड पर नजर रखे हुए है. सांकेतिक तस्वीर.

asteroid coming close to earth: रूसी वैज्ञानिकों ने कहा है कि कहना है कि एक एस्टेरॉयड अपोफिस (asteroid Apophis) इसी सदी में धरती के बहुत करीब से गुजरेगा. अपोफिस को तबाही का देवता माना जाता है. पहले की गणना के मुताबिक अपोफिस एस्टेरॉयड के धरती के पास से गुजरने की संभावना 2068 थी लेकिन अब रूसी वैज्ञानिकों ने ताजा आकलन के आधार पर कहा है कि यह एस्टेरॉयड अप्रैल 2020 में धरती के बहुत पास से गुजरेगा.

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नई दिल्ली. एस्टेरॉयड (Asteroid ) या उल्का पिंड को लेकर समय-समय पर नासा (NASA) या अन्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां जानकारी देती रहती है. आमतौर पर एस्टेरॉयड सूर्य की कक्षा में चक्कर काटते-काटते अंतरिक्ष में तैरने लगता है. कई बार यह धरती (Earth) से भी टकराया है. ऐसा माना जाता है कि धरती पर डायनासोर (dinosaurs) की विलुप्ति का कारण एस्टेरॉयड ही है. अब रूसी वैज्ञानिकों ने कहा है कि कहना है कि एक एस्टेरॉयड अपोफिस (asteroid Apophis ) इसी सदी में धरती के बहुत करीब से गुजरेगा. अपोफिस को तबाही का देवता माना जाता है. पहले की गणना के मुताबिक अपोफिस एस्टेरॉयड के धरती के पास से गुजरने की संभावना 2068 थी लेकिन अब रूसी वैज्ञानिकों ने ताजा आकलन के आधार पर कहा है कि यह एस्टेरॉयड अप्रैल 2020 में धरती के बहुत पास से गुजरेगा.

परमाणु बम से 30 गुना ज्यादा शक्तिशाली
नासा की ओर से भी खबरें आ रही हैं कि भयानक एस्टेरॉयड धीरे-धीरे धरती के करीब आ रहा है. यह एस्ट्रोइड धरती पर मौजूद सबसे बड़े परमाणु बम से भी 30 गुना ज्यादा शक्तिशाली है. 2029 में यह धरती के बहुत पास से गुजरने वाला है. रूसी वैज्ञानिकों के मुताबिक एस्टेरॉयड का नाम ग्रीक देवता के नाम पर एपोफिस रखा गया है. एपोफिस का मतलब अराजकता का देवता है. पहले ऐसा अनुमान था कि एपोफिस धरती से 2068 तक टकरा सकता है. लेकिन यह अनुमान गलत निकला. नासा के वैज्ञानिकों ने 2004 में इसकी खोज की थी और इसे धरती के लिए बेहद खतरनाक बताया था.

धरती के 39 हजार किलोमीटर पास से गुजरेगा
रसियन इमरजेंसी मिनिस्ट्री ने कहा है कि यह एस्टेरॉयड धरती की सतह से 39000 किलोमीटर पास से गुजरेगा. इतनी ही दूरी पर किसी टेलीविजन सेटलाइट को ऑपरेट किया जाता है. इस स्टेरॉयड का आकार एफिल टावर से भी ज्यादा बड़ा है. यह धरती के बहुत पास से गुजरने वाला है, अगर ऐसे में इसके रास्ते में जरा सा भी बदलाव आता है तो यह बुरी तरह से धरती से टकरा सकता है.

क्या एपोफिस धरती से टकराएगा
आमतौर पर अधिकांश एस्टेरॉयड धरती की कक्षा के बहुत दूर से ही गुजर जाता है. इसके टकराने की आशंका बहुत कम रहती है. पहले इसे धरती से टकराने की आशंका व्यक्त की जा रही थी लेकिन मार्च 2021 में नासा ने इससे किसी भी तरह के खतरे से इनकार किया. इसके बाद नासा ने इसे खतरे की सूची से बाहर निकाल दिया था. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह एस्टेरॉयड धरती के पास से सुरक्षित गुजर जाएगा. हालांकि यह पल एक एतिहासिक पल होगा, जब इतना बड़ा एस्टेरॉयड धरती के इतनी करीब से गुजरेगा. नासा इस एस्टेरॉयड को सौर मंडल की जानकारी बटोरने के मामले मे एक अवसर के तौर पर देख रहा है.

अगर एपोफिस धरती से टकराया तो क्या होगा
एपोफिस के धरती से टकराने की कल्पना मात्र से ही दिल दहल जाता है. लेकिन अगर इसके सही आकलन की बात की जाए तो रूसी वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर यह एस्टेरॉयड धरती से टकराता है तो करीब 1717 मेगाटन ऊर्जा निकलेगी. यह सोवियत रूस के 1961 में परीक्षण किए जाने वाले सार बाम्बा जिसे अब तक का सबसे बड़ा बम माना जाता है, से तीस गुना ज्यादा ताकतवर होगा.

क्या होता है एस्टेरॉयड
एस्टेरॉयड को उल्कापिंड या क्षुद्रग्रह कहा जाता है. ग्रह बनने के समय उसमें से चट्टान के छोटे-छोटे टुकड़े निकलकर बाहर हो गए और ये टुकड़ें सूर्य के चारों ओर चक्कर काटने लगे. कभी-कभी यह राह बदलकर अपनी कक्षा से बाहर आ जाते हैं. आमतौर पर छोटे एस्टेरॉयड ग्रहों की कक्षा में आते ही जलकर राख हो जाते हैं लेकिन बड़े एस्टेरॉयड कभी-कभी ग्रहों से टकरा भी जाते हैं. पृथ्वी से भी कई बार एस्टेरॉयड टकराया है. नासा पृथ्वी के आसपास 140 मीटर या इससे बड़े एस्टेरॉयड को ट्रैक कर लेता है.

Tags: Asteroid, Nasa study, Russia

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