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कितनी सुरक्षित है Covishield Vaccine? क्या है कीमत? जानें अहम सवालों के जवाब

SII की covishield vaccine
SII की covishield vaccine

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) अब तक ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका कोविड-19 टीके (astrazeneca oxford coronavirus vaccine) की करीब पांच करोड़ खुराक का उत्पादन कर चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 31, 2020, 1:25 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले 1 करोड़ के पार हो चुके हैं और इससे रिवकरी रेट 96.04 फीसदी तक पहुंच गई है. जबकि मृत्यु दर 1.45 फीसदी है. भारत में कोरोना के घटते मामले इस बात का संकेत हैं कि देश की स्थिति फिलहाल ठीक है. हालांकि, कोरोना के नए स्ट्रेन ने सरकार और जनता दोनों के माथे पर चिंता की लकीरें जरूर खींच दी हैं. देश में नए स्ट्रेन के अब तक 25 केस मिल चुके हैं. इन सबके बीच कोरोना के वैक्सीन को लेकर चर्चा जारी है.

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के विशेषज्ञों की समिति ने बुधवार को  ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल की अनुमति देने के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के आग्रह और ‘कोवैक्सीन’ के आपात इस्तेमाल को अनुमति देने के भारत बायोटेक के आग्रह पर विचार करने के लिए बैठक की तथा अब यह समिति एक जनवरी को फिर से बैठक करेगी. कोविड-19 संबंधी विशेषज्ञ समिति ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक द्वारा सौंपे गए अतिरिक्त विवरण का विश्लेषण किया. समिति एक जनवरी 2021 को फिर से बैठक करेगी.

आइए हम आपको बताते हैं कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई कोविशील्ड की खास बातें क्या हैं और इसके तीन चरणों के ट्रायल में क्या सामने आया



सीरम मे बीते 8-9 महीने से ही वैक्सीन बनाने का काम चल रहा है. कंपनी के सीईओ अदार ने कहा, ‘हम पहले ही टीके की 4 से 5 करोड़ खुराक का विनिर्माण कर चुके हैं. लॉजिस्टिक्स के मुद्दों की वजह से शुरुआत में टीके को पेश करने की रफ्तार धीमी रहेगी. हालांकि, एक बार चीजें व्यवस्थित होने के बाद हम तेजी से टीका उतार सकेंगे.’
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीईओ पूनावाला ने बाताया कि जब वैक्सीन बन जाती है तब उसे एक छोटी शीशी में भरा जाता है. फिर उसकी पैकेजिंग होती है, उसके बाद यह चेक किया जाता है कि शीशी में वैक्सीन के अलावा कुछ और ना जाए.

कहां रखे जाएंगे वैक्सीन?
बीते दिनों एक इंटरव्यू में पूनावाला लने बताया था कि लॉजिस्टिक्स के मुद्दों की वजह से शुरुआत में टीके को पेश करने की रफ्तार धीमी रहेगी. हालांकि, एक बार चीजें व्यवस्थित होने के बाद हम तेजी से टीका उतार सकेंगे.’

उन्होंने बताया कि वैक्सीन के डोज को आखिरी बार चेक करने के बाद सभी को पैक किया जाएगा. फिर इसे बक्से में बंद कर के ड्राइ आइस कर दिया जाएगा. इसके बाद फ्रिजर ट्रक से उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाएगा जहां ये सरारी कोल्ड स्टोरेज में रखे जाएंगे.

एक शीशी में 10 डोज
पूनावाला ने बताया कि सीरम के वैक्सीन की एक शीशी में 10 डोज हो सकते है. अगर कोई वैक्सीन एक बार खोली जाती है तो वह 4-5 घंटे के भीतर इस्तेमाल में लाई जा सकती है. अगर एक डॉक्टर के पास 1 शीशी है तो वह 10 डोज हुआ जिसे पांच लोगों को दिया जा सकता है.

पूनावाला ने दावा किया कि वैक्सीन के ट्रायल के दौरान कुछ लोगों को सिर दर्द और बुखार जैसे शिकायत हुई जो सामान्य दवाई से ठीक हो गया. उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन 2-8 डिग्री सेल्सियस के तापमान में रखी जा सकती है. अगर यह 10 दिन तक खुले में भी रहे तो कोई खराबी नहीं आएगी. फिर भी इसे 2-8 डिग्री तापमान में रखा ही जाना चाहिए.

कोविशील्ड नए स्ट्रेन पर भी असरदार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूनावाला ने कहा कि सीरम ने वैक्सीन के पूरे डोज के लिए अप्लाई किया हुआ है. लेकिन लोगों से अपील है कि वह एक डोज और दूसरे डोज में थोड़ा अंतर रखें. अगर दो महीने बाद दूसरी डोज लीजिए तो इससे काफी हद तक लाभ होगा. उन्होंने काह कि पूरा लाभ लेने के लिए दोनों डोज लगवाना चाहिए.

कोरोना के नए स्ट्रेन से जुड़े एक सवाल पर सीरम ने कहा कि कोविशील्ड इस पर भी असरदार होगी. उन्होंने कहा कि सीरम की वैक्सीन की कीमत 200 रुपए डोज यानी 400 रुपए लगेंगे. हालांकि यह दाम सिर्फ सरकार के लिए है. अगर कोई निजी कंपनी खरीदेगी तो उसे 1000 रुपए प्रति डोज चुकाने होंगे. सीरम के अनुसार मार्च या अप्रैल तक कोविशील्ड निजी रूप से मिलने लगेगी लेकिन यह किसी डॉक्टर के पास ही होगी.
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