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दावा: एस्ट्राजेनेका के ट्रायल में कोरोना वैक्सीन से नहीं हुआ था किसी तरह का साइड इफेक्ट

एस्‍ट्राजेनेका कोरोना वैक्‍सीन से नहीं हुआ था साइड इफेक्ट. 
 (प्रतीकात्मक तस्वीर)

एस्‍ट्राजेनेका कोरोना वैक्‍सीन से नहीं हुआ था साइड इफेक्ट. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

coronavirus vaccine Update : कोरोना वैक्सीन (coronavirus vaccine) की दौड़ को उस समय बड़ा झटका लगा था जब पिछले दिनों ह्यूमन ट्रायल (Human trial) में शामिल एक व्यक्ति के बीमार पड़ने के बाद ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) की एस्‍ट्राजेनेका कोरोना वैक्‍सीन के ट्रायल (AstraZeneca Coronavirus Vaccine Trial ) को रोक देना पड़ा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 3:01 PM IST
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नई दिल्ली. दुनियाभर में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस (coronavirus) के संक्रमण को देखते हुए कोरोना वैक्सीन (coronavirus vaccine) बनाने का काम तेजी से चल रहा है. हालां​कि कोरोना वैक्सीन की दौड़ को उस समय बड़ा झटका लगा था जब पिछले दिनों ह्यूमन ट्रायल में शामिल एक व्यक्ति के बीमार पड़ने के बाद ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) की एस्‍ट्राजेनेका कोरोना वैक्‍सीन के ट्रायल (AstraZeneca Coronavirus Vaccine Trial ) को रोक देना पड़ा था. हालांकि अब स्पष्ट हो गया है कि जिस व्यक्ति के बीमार होने की बात की जा रही थी वह कोरोना वैक्सीन से बीमार नहीं पड़ा था. इस बात का खुलासा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के हवाले से समाचार एजेंसी रायटर्स ने अपनी रिपोर्ट में किया है.

बता दें कि पहले खबर आई थी कि एस्‍ट्राजेनेका कोरोना वैक्‍सीन के ट्रायल में एक शख्स को दवा देने के बाद उसकी रीढ़ की हड्डी में कुछ दिक्कत हो गई थी. इसे ट्रांसवर्स माइलिटिस कहा जाता है. इसके बाद इस ट्रायल को 6 सितंबर को रोक दिया गया था. लेकिन अब दस्तावेजों से पता चला है कि ये बीमारी कोविड 19 वैक्सीन देने से नहीं हुई है. जांच में ऐसी किसी भी बात की जानकारी नहीं मिली है, जिससे पता चले कि ट्रायल के दौरान दवा का साइड इफेक्ट हुआ था.





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बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की इस दवा का परीक्षण ब्रिटेन, ब्राजील, भारत और दक्षिण अफ्रीका में दोबारा शुरू हो गया है. हालांकि अमेरिका में अभी इसे फिर से शुरू नहीं किया गया है. कंपनी ने कहा, 'एस्ट्राजेनेका ऑक्सफोर्ड कोरोना वायरस वैक्सीन, AZD1222 के लिए चिकित्सीय परीक्षणों को मेडिसिन हेल्थ रेगुलेटरी अथॉरिटी (MHRA) द्वारा सहमति दी गई है. इसे यूके में फिर से शुरू कर दिया गया है.' कंपनी ने कहा कि जांच के अनुसार, वैक्‍सीन का परीक्षण करना सुरक्षित है. यह वैक्‍सीन दुनिया भर की उन 9 वैक्‍सीन में शामिल है जो वर्तमान में अपने तीसरे चरण में हैं. एस्ट्राजेनेका ने इससे पहले घोषणा की थी कि एक वॉलंटियर के बीमार पड़ने के कारण वह अपने परीक्षण को स्‍वेच्‍छा से रोक रहा है.

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सीरम इंस्टीट्यूट ने भारत में रोका था परीक्षण
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने गुरुवार को कहा था कि वह कोविड- 19 के संभावित टीके के चिकित्सकीय परीक्षण को रोक रही है. सीरम ने इस टीके की एक अरब खुराक बनाने का समझौता किया हुआ है. सीरम इंस्टीट्यूट ने जारी एक बयान में कहा था, 'हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और भारत परीक्षण को फिलहाल स्थगित कर रहे हैं.' सीरम मात्रा के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी टीका विनिर्माण कंपनी है.
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