India China Face-off: भारत ने कहा- LAC को लेकर नहीं माने जाएंगे चीन के अटपटे दावे

विदेश मंत्रालय ने कहा कि गलवान घाटी क्षेत्र के संबंध में स्थिति ऐतिहासिक रूप से स्पष्ट है
विदेश मंत्रालय ने कहा कि गलवान घाटी क्षेत्र के संबंध में स्थिति ऐतिहासिक रूप से स्पष्ट है

India China Face-off: भारतीय विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) ने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (Line of Actual Control) के संबंध में अतिशयोक्तिपूर्ण और अटपटे दावों को स्वीकार करने के लिए चीनी पक्ष के प्रयास अब स्वीकार्य नहीं हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. लद्दाख (Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारत और चीन की हिंसक झड़प (India China Faceoff) को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) ने बयान जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि गलवान घाटी क्षेत्र के संबंध में स्थिति ऐतिहासिक रूप से स्पष्ट है. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के संबंध में अतिशयोक्तिपूर्ण और अटपटे दावों को स्वीकार करने के लिए चीनी पक्ष के प्रयास अब स्वीकार्य नहीं हैं. ये दावे चीन की अपनी पिछली स्थिति के अनुसार नहीं हैं.

गलवान घाटी क्षेत्र की घटनाओं पर चीनी प्रवक्ता के 19 जून के बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सैनिक गलवान घाटी सहित भारत-चीन सीमा के सभी क्षेत्रों में LAC से पूरी तरह परिचित हैं. वे इसका सावधानीपूर्वक पालन करते हैं, जैसा कि वे किसी और क्षेत्र में करते हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय पक्ष ने कभी भी एलएसी पर कोई कार्रवाई नहीं की. वास्तव में, वे बिना किसी घटना के लंबे समय से इस क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं. भारत द्वारा निर्मित सभी बुनियादी ढांचे स्वाभाविक रूप से एलएसी में भारत के हिस्से में हैं.

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.




ये भी पढ़ें :- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 1 आतंकी को किया ढेर

प्रधानमंत्री ने कहा नहीं हुई कोई घुसपैठ
वहीं शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि हमारी सीमा में कोई घुसपैठ नहीं हुई है. साथ ही हमारी कोई भी पोस्‍ट चीन ने नहीं कब्‍जाई है. उन्‍होंने यह भी कहा कि इस समय हमारे पास ऐसी क्षमताएं हैं कि कोई भी हमारी एक इंच जमीन के ऊपर नहीं देख सकता. पीएम मोदी ने कहा कि देश को सुरक्षित रखने के लिए जमीन, आसमान और समुद्र में सेना को जो कुछ भी करने की जरूरत है, वो करेगी. सेना देश की रक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही. उन्‍होंने कहा कि अब हमारे जवान उन इलाकों की भी निगरानी कर रहे हैं, जहां पहले निगरानी नहीं हो पा रही थी.

ये भी पढ़ें :- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 1 आतंकी को किया ढेर

5 मई से चल रही है तनातनी
बता दें 5 मई से भारत और चीन के बीच गलवान घाटी और पैंगोग सो इलाके में तनातनी जारी थी जिसे सुलझाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर की कई वार्ताएं हुईं. 15-16 जून की दरम्यानी रात भारत और चीन के बीच की ये झड़प हिंसक हो गई और इसमें भारत के 20 जवानों ने अपनी जान कुर्बान कर दी वहीं 76 से ज्यादा जवान घायल हो गए. चीन को भी इस झड़प में नुकसान हुआ और उसके भी कई सैनिक हताहत हुए. इसके बाद मेजर जनरल स्तर की कई वार्ताएं हो चुकी हैं और भारतीय विदेश मंत्री भी चीन में अपने समकक्ष से टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज