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J&K: मुठभेड़ में मारे गए आतंकी ने पिता से कहा था- 'सरेंडर करना चाहता हूं, कभी किसी को मत बताना गलत रास्ता'

आमिर सिराज की फाइल फोटो
आमिर सिराज की फाइल फोटो

एक होनहार फुटबॉलर से आतंकवादी बनने वाले 22 वर्षीय आमिर सिराज को इस क्लिप में कथित तौर पर अपने पिता से कहते सुना जा सकता है कि उसे छलकपट से आतंकवाद में शामिल किया गया. उसे चेतावनी दी गई कि वह आत्मसमर्पण न करें. ऐसा करने पर उसके परिवार की जान को खतरा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 29, 2020, 8:02 AM IST
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मुफ्ती इस्लाह
श्रीनगर. 
एक होनहार फुटबॉलर से आतंकवादी बनने वाले आमिर सिराज का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस क्लिप में कथित तौर पर आमिर सिराज (Aamir Siraj) ने दावा किया है कि उन्हें बंदूक उठाने के लिए मजबूर किया गया. सिराज का यह क्लिप उसके एनकाउंटर के 4 दिन बाद सामने आया. 22 वर्षीय सिराज के इस ऑडियो क्लिप को उसके परिजनों के साथ ही घाटी में सोशल मीडिया पर लोगों ने खारिज कर दिया. परिजनों ने ऑडियो क्लिप को खारिज करते हुए कहा कि यह 'सरकार के प्रोपैगेंडा' का एक हिस्सा है.

विवादास्पद ऑडियो क्लिप में 22 वर्षीय आमिर सिराज को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'उसे छलकपट से आतंकवादी बनाया गया. बाद में चेतावनी दी गई कि वह आत्मसमर्पण न करें. ऐसा करने पर उनके परिवार की जान पर खतरा बन आता.' यह बातचीत कथित तौर पर बारामुला के कसेरी इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के पहले सिराज और उसके पिता के बीच हुई थी.

ऑडियो में सिराज ने क्या कहा?
ऑडियो वायरल होने के तुरंत बाद आतंकवादी के पिता सिराज-उद-दीन ने एक वीडियो जारी करके ऑडियो को फर्जी बताया. सिराज-उद-दीन ने कहा कि ऑडियो फर्जी है क्योंकि उन्होंने अपने बेटे से कभी बात नहीं की थी.  वह छह महीने पहले आतंकवादियों के समूह में शामिल हो गया था. सिराज-उद-दीन ने कहा कि वह इस बात से अनजान थे कि उनका बेटा पिछले हफ्ते मुठभेड़ में मौजूद था. उस समय उनका परिवार बहन के घर पर एक कार्यक्रम में मौजूद था.



मुठभेड़ में मारे जाने के बाद सोशल मीडिया पर आमिर की ड्रिबलिंग प्रैक्टिस के कुछ वीडियो वायरल हुए तो सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शोक व्यक्त किया था. सोमवार को सामने आए ऑडियो में कथित तौर पर अपने पिता के साथ सिराज की बातचीत से पता चला कि वह आत्मसमर्पण करना चाहता था. ऑडियो से पता चला कि सेना और पुलिस उसे आत्मसमर्पण करने का मौका भी दे रही थी, लेकिन आतंकी समूह ने  उसे ऐसा करने से रोके रखा था.

ऑडियो में कथित तौर पर सिराज ने कहा- 'मैं  आत्मसमर्पण करने की कोशिश करता हूं, लेकिन वे (आतंकवादी) मुझ पर दबाव  बना रहे हैं कि मैं ऐसा ना करूं. उन्होंने मेरे  परिवार को मारने की धमकी दी है ... अब मुझे जो भी होगा, लेकिन मैं आपको सभी सुरक्षित चाहता हूं.' सिराज ने फोन पर मौजूद अन्य शख्स (कथित तौर पर अपने पिता) से कहा- किसी भी गलत रास्ता ना अपनाने दें.

बंदूक तानकर उसकी तस्वीर क्लिक की...
ऑडियो में आदमी को यह कहते हुए सुना जाता है कि आतंकवादियों ने उस पर बंदूक तानकर उसकी तस्वीर क्लिक की और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. जिससे उसे आत्मसमर्पण करने का कोई विकल्प नहीं मिला. कथित तौर पर सिराज ने कहा 'मुझे बरगलाया गया और इसमें शामिल होने के लिए दबाव डाला गया.'

जम्मू और कश्मीर में एक पत्रकार और कुछ राष्ट्रीय मीडिया एजेंसियों ने ट्वीट किया कि ऑडियो पुलिस द्वारा जारी किया गया था, लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी. सीएनएन न्यूज 18 को एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने सिराज की मौत पर अफसोस जताया. सिंह ने कहा- 'वह आत्मसमर्पण करना चाहता था लेकिन आतंकवादियों ने उसे ऐसा नहीं करने दिया. वह एक होनहार फुटबॉलर था और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उसे इस तरह मरना पड़ा.'

सिंह ने कहा कि आतंकवादी आत्मसमर्पण करना चाहता था, लेकिन एक पाकिस्तानी (सेना) कप्तान 'उसके आसपास' था, उसे ऐसा नहीं करने करने के लिए कह रहा था.  हालांकि आमिर के पिता ने कहा, 'यह न तो उसकी (आमिर सिराज की) आवाज़ है और न ही सिराज-उद-दीन की (खुद की) है. वे (बोलने वाले) दक्षिण कश्मीर की बोली में बोल रहे हैं.' आमिर उत्तरी कश्मीर के सोपोर का था. आम कश्मीरी भी दो बोलियों के बीच अंतर को पहचान सकते हैं.

आमिर सिराज के पिता का क्या है दावा?
सिराज-उज-दिन ने कहा 'वह (ऑडियो में आदमी) अपने पिता को 'अब्बा' बुला रहा है जबकि मेरा बेटा मुझे 'अब्बूजी' कह कर बुलाता था. ऑडियो में वह अपनी मां को 'बोबा’ कह रहा लेकिन असलियत में सिराज अपनी मां को मम्मी कहता था.

सिराज-उद-दीन ने कहा कि परिवार को उनके बेटे के एनकाउंटर में की जानकारी नहीं थी.उन्होंने कहा- 'हम अपनी बहन के घर एक समारोह के लिए गए थे. उस दिन शाम 4 बजे स्थानीय एसएचओ ने हमें बताया कि उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि सिराज एनकाउंटर में था या नहीं.'



उन्होंने कहा कि 'शाम को हमें फिर से एक कॉल आया. इस बार हमें उसके शरीर की शिनाख्त करने के लिए कहा गया. बाद में शव को दफनाने के लिए उसे बारामूला के शीरी गांव ले जाया गया. अंतिम संस्कार में परिवार के कुछ सदस्य मौजूद थे.
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