आस्ट्रेलिया ने भारत के साथ साइबर परियोजनाओं की घोषणा की

आस्ट्रेलिया (Australia) की विदेश मंत्री मारिज पायने ने कहा, ‘रणनीति के केंद्र में साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी कूटनीति को प्राथमिकता और बढ़ावा देना है.

आस्ट्रेलिया (Australia) की विदेश मंत्री मारिज पायने ने कहा, ‘रणनीति के केंद्र में साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी कूटनीति को प्राथमिकता और बढ़ावा देना है.

आस्ट्रेलिया (Australia) की विदेश मंत्री मारिज पायने ने कहा, ‘रणनीति के केंद्र में साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी कूटनीति को प्राथमिकता और बढ़ावा देना है.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 22, 2021, 5:10 AM IST
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नई दिल्ली. आस्ट्रेलिया (Australia) ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी गठजोड़ की शुरूआत करते हुए भारत के साथ तीन साइबर परियोजनाओं (Cyber Project) की घोषणा की. इस पहल का मकसद सुरक्षित और समृद्ध आस्ट्रेलिया, हिंद-प्रशांत और विश्व है.

आस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिज पायने ने कहा, ‘रणनीति के केंद्र में साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी कूटनीति को प्राथमिकता और बढ़ावा देना है. हम यह द्विपक्षीय भागीदारी और आसियान क्षेत्रीय मंच, क्वाड (क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डॉयलॉग), पैसेफिक आईलैंड फोरम जैसे समूह के जरिये करेंगे.’

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘हम वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र के जरिये यह काम करेंगे जहां हम पहले से ही साबित कर रहे हैं कि हम बहुपक्षीय नियमों में वास्तविक प्रभाव डाल सकते हैं. हम साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के लिए क्षमता निर्माण को लेकर अपने क्षेत्र में भागीदारों का समर्थन करेंगे.’

पायने ने कहा कि मूल्य, सुरक्षा और समृद्धि के तीन विचारो पर आधारित यह रूपरेखा साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के मामले में आस्ट्रेलिया के व्यवहारिक अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव का मार्गदर्शन करेगा. इस पहल का उद्देश्य एक ऐसा परिवेश तैयार करना है जो नवप्रवर्तन के अवसरों को बढ़ाएगा और उसका उपयोग करेगा तथा जोखिम को कम करेगा.
पायने ने 1.27 करोड़ डॉलर के चार वर्षीय कार्यक्रम आस्ट्रेलिया-भारत साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी भागीदारी (एआईसीसीटीपी) अनुदान कार्यक्रम के पहले चरण में तीन परियोजनाओं की घोषणा की.

उन्होंने कहा, ‘...हम भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. दोनों प्रौद्योगिकी के लिये तेजी से वृद्धि वाले बाजार हैं. साथ ही डिजिटल प्रौद्योगिकी के नवप्रवर्तक और नियामक के रूप में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं.’





विदेश मंत्री ने कहा, ‘अन्य चीजों के अलावा कार्यक्रम नियम आधारित रूपरेखा, तकनीकी मानदंड और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ावा देने को लेकर आस्ट्रेलियाई और भारतीय दोनों शोधकर्ताओं की मदद करेगा.’
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