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Delhi Air Pollution: दिल्ली आर्थिक सर्वे का दावा- 2020 में राजधानी के लोगों को मिली साफ-सुथरी हवा

सीएसई की आई रिपोर्ट को लेकर दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि राजधानी में  प्रदूषण को काबू करने में सफलता हासिल की है. (File Photo)

सीएसई की आई रिपोर्ट को लेकर दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि राजधानी में प्रदूषण को काबू करने में सफलता हासिल की है. (File Photo)

Delhi Air Pollution: दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2014 के बाद से दिल्ली में विभिन्न प्रदूषक तत्वों मसलन पीएम10, पीएम2.5, नाइट्रोजन ऑक्साइड का औसत स्तर पिछले वर्ष सबसे कम रहा है.

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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस की महामारी की वजह से 2020 में वायु प्रदूषण पिछले सात साल में सबसे कम दर्ज किया गया है. दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण (Delhi Economic Survey) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल दिल्ली में पीएम10 (PM10), पीएम2.5( PM2.5) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड सहित विभिन्न प्रदूषकों का औसत स्तर 2014 के बाद सबसे कम था. जबकि सरकारी आंकड़ों मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों से शहर में मुख्य प्रदूषक तत्वों के औसत स्तर में निरंतर कमी आ रही है.

बहरहाल, दिल्ली विधानसभा में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, साल 2014 के बाद साल 2020 में प्रदूषण का स्तर सबसे कम रहा. बता दें कि वर्ष 2014 में पीएम 10 का औसत स्तर 324 और पीएम 2.5 का स्तर 149 रहा था. जबकि इस साल 2020 में पीएम 10 का स्तर 187 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 101 रहा है. साफ है कि कोरोना वायरस की महामारी के कारण लगे लॉकडाउन और अच्छे मौसम के चलते लोगों को सबसे साफ-सुथरी हवा मिली है.

इसके अलावा दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण से खुलासा हुआ है कि सल्फर, नाइट्रोजन, कार्बन, ओजोन आदि के स्तर में भी गिरावट आई है. इस बाबत दिल्ली विधानसभा में सोमवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा पेश की गई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, पीएम10 का वार्षिक औसत 2014 में 324µg/m3 से घटकर 2020 में 187 µg/m3 हो गया. जबकि भारत में PM6 का स्तर 40 µg/m3 और PM10 100 µg/m3 से नीचे माना जाता है. इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी निगरानी स्थानों पर पीएम2.5 और पीएम10 के लिए वार्षिक औसत निर्धारित मानकों से अधिक है.
गौरतलब है कि कोविड-19 लॉकडाउन के मद्देनजर किए गए विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि कम यातायात और प्रतिबंधित औद्योगिक गतिविधि के कारण दुनियाभर में वायु प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया है और देश की राजधानी दिल्‍ली समेत पूरे भारत में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है.
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