अयोध्या मामला: मुस्लिम पक्ष ने सप्ताह के हर दिन सुनवाई पर जताई आपत्ति

मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने मामले में पांच दिन सुनवाई किए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, अगर सप्ताह के सभी दिनों में सुनवाई होती है तो न्यायालय की सहायता करना संभव नहीं होगा.

भाषा
Updated: August 9, 2019, 3:35 PM IST
अयोध्या मामला: मुस्लिम पक्ष ने सप्ताह के हर दिन सुनवाई पर जताई आपत्ति
मुस्लिम पक्ष ने सप्ताह में 5 दिन की सुनवाई पर आपत्ति जताई
भाषा
Updated: August 9, 2019, 3:35 PM IST
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद (Ayodhya Case) मामले की सप्ताह में 5 दिन सुनवाई किए जाने का लेकर मुस्लिम पक्ष ने शुक्रवार को विरोध जताया है. मुस्लिम पक्ष ने कहा कि अगर इतनी जल्दबाजी में सुनवाई की जाती है तो उसके लिए न्यायालय की सहायता करना संभव नहीं होगा.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मामले में चौथे दिन शुक्रवार को सुनवाई शुरू की. पीठ (Supreme Court) में न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं. मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने मामले में पांच दिन सुनवाई किए जाने पर आपत्ति जताई.

सप्ताह में 5 दिन सुनवाई पर आपत्ति
धवन ने पीठ को बताया, ‘अगर सप्ताह के सभी दिनों में सुनवाई होती है तो न्यायालय की सहायता करना संभव नहीं होगा. यह पहली अपील है और इतनी जल्दबाजी में सुनवाई नहीं हो सकती और यह मेरे लिए प्रताड़ना है.’ इस पर पीठ ने धवन से कहा कि उसने दलीलों पर गौर किया है और वह जल्द से जल्द जवाब देगी.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ कर रही सुनवाई
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ कर रही सुनवाई


तीन दिन की बजाय 5 दिन होगी सुनवाई
बता दें कि सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या मामले की सुनवाई हफ्ते में तीन दिन के बजाय पांच दिन करने का फैसला किया है. ऐसा पहली बार हो रहा है जब संवैधानिक बेंच किसी मामले की सुनवाई पूरे पांच दिन करने जा रही है. अभी तक की परंपरा के मुताबिक संवैधानिक बेंच सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को ही किसी मामले की सुनवाई करती है. मुस्लिम पक्षकारों ने इस फैसले का विरोध किया है.
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वकीलों को दलील पेश करने का मिलेगा वक्त
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हफ्ते में पांच दिन तक अयोध्या मामले (Ayodhya Case) की सुनवाई जारी रखने से दोनों पक्षों के वकीलों को अपनी दलीलें पेश करने का काफी वक्त मिलेगा और जल्द ही इस पर कोई फैसला आ सकेगा. गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस अब्दुल नजीर ने कहा कि अयोध्या मामले की सुनवाई अब रोजाना की जाएगी.

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First published: August 9, 2019, 3:35 PM IST
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