गर्मियों की छुट्टियां खत्म! अयोध्या, राफेल समेत इन मुद्दों पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट 31 न्यायाधीशों के साथ एक जुलाई से अपना काम शुरू करेगा.

News18Hindi
Updated: June 29, 2019, 2:41 PM IST
गर्मियों की छुट्टियां खत्म! अयोध्या, राफेल समेत इन मुद्दों पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट 31 न्यायाधीशों के साथ एक जुलाई से अपना काम शुरू करेगा.
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Updated: June 29, 2019, 2:41 PM IST
छह सप्ताह के अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट एक जुलाई से खुल रहा है. कोर्ट को अब अयोध्या और राफेल जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुकदमों से निपटना होगा. इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना ​​के मामले में भी सुनवाई होनी है.

राहुल गांधी ने राफेल मामले में ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी को लेकर अपने खिलाफ चल रही अवमानना की कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट से माफी मांग ली थी, लेकिन मामले में सुनवाई अभी होनी है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट 31 न्यायाधीशों के साथ एक जुलाई से अपना काम शुरू करेगा. संभावना है कि कोर्ट राफेल मामले से जुड़ी समीक्षा याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा.

प्रशांत भूषण ने दायर की थी याचिका

फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिसंबर, 2018 को खारिज कर दिया था. पूर्व केन्द्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा व अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट के आदेश की समीक्षा के लिए याचिका दायर की है.

‘चौकीदार चोर है’ पर सुनवाई

इतना ही नहीं, मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी में सुप्रीम कोर्ट का गलत हवाला देने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर भी सुनवाई करेगी. राहुल गांधी इस मामले में माफी मांग चुके हैं और उन्हें अवमानना की कार्रवाई बंद करने का आग्रह किया है.

अयोध्या विवाद पर पैनल सौंपेगा रिपोर्ट
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राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद मामले में भी सभी की नजरें बंद कमरे में हुई सुनवाई के परिणाम पर टिकी रहेंगी. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एफ. एम. कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय पैनल ने मामले का सौहार्दपूर्ण हल निकालने के लिए सुनवाई की थी.

इस पैनल में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पांचू भी शामिल हैं. इन्हें आशा है कि इस विवादित मुद्दे का कोई ना कोई सौहार्द्रपूर्ण हल जरुर निकलेगा. न्यायमूर्ति गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय पीठ ने पैनल को 15 अगस्त तक का वक्त दिया है.

हाईकोर्ट ने किया था तीन हिस्सों में बंटवारा

इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 याचिकाएं दायर की गई हैं. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लल्ला में बराबर-बराबर बांट दिया था.

‘लॉयर्स कलेक्टिव’ पर होगी सुनवाई

इसके अलावा कोर्ट वकीलों इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर तथा उनके एनजीओ ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के खिलाफ जांच करने और प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर भी सुनवाई करेगा. उनपर विदेशों से चंदा लेने और उस धन का इस्तेमाल करने में नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है. यह याचिका वकीलों के एक स्वयंसेवी संस्थान ‘लॉयर्स वॉइस’ ने दायर की है.

आर्टिकल-370 पर भी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 370 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली भाजपा नेता व वकील अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर भी सुनवाई करेगी. साथ ही जम्मू-कश्मीर से ही जुड़े संविधान के अनुच्छेद 35ए पर भी सुनवाई होगी.

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First published: June 29, 2019, 1:49 PM IST
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