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अयोध्या केस: सुर्खियों से दूर इन वकीलों ने भी की कड़ी मेहनत, सगाई तक टाल दी

News18Hindi
Updated: November 11, 2019, 12:04 AM IST
अयोध्या केस: सुर्खियों से दूर इन वकीलों ने भी की कड़ी मेहनत, सगाई तक टाल दी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सदियों पुराने इस मामले का पटाक्षेप हो गया.

अयोध्या केस (Ayodhya case) में के पराशरन, सी एस वैद्यनाथन, रंजीत कुमार, राजीव धवन, जफरयाब जीलानी, पीएस नरसिम्हा समेत कई बड़े वकीलों ने अपना पक्ष रखा. इन मशहूर वकीलों के साथ ही कुछ ऐसे वकील भी थे जिनके बारे में भले ही ज्यादा चर्चा नहीं हुई हो, लेकिन इन्होंने इस केस से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की.

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  • Last Updated: November 11, 2019, 12:04 AM IST
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नई दिल्ली. आयोध्या (Ayodhya case) की विवादित जमीन पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई को जहां एक ओर ऐतिहासिक बताया जा रहा है, तो वहीं इस केस से जुड़े वकीलों (lawyer) की भी काफी चर्चा हो रही है. अयोध्या केस में के पराशरन, सी एस वैद्यनाथन, रंजीत कुमार, राजीव धवन, जफरयाब जीलानी, पीएस नरसिम्हा समेत कई बड़े वकीलों ने अपना पक्ष रखा. इन मशहूर वकीलों के साथ ही कुछ ऐसे वकील भी थे जिनके बारे में भले ही ज्यादा चर्चा नहीं हुई हो, लेकिन इन्होंने इस केस से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की. दिन-रात काम कर इन वकीलों ने केस को उस मुकाम तक पहुंचाया, जिसे बदलते इतिहास के तौर पर देखा जा रहा है. इन वकीलों में कुछ ऐसे वकील भी थे, जिन्होंने अपनी जिंदगी के अनमोल क्षण के बारे में भी एक बार नहीं सोचा और लगातार काम करते रहे.

पीवी योगेश्वर ऐसे वकील हैं जिन्होंने इस केस को मुकाम तक पहुंचाने में अपना अहम योगदान दिया. तमिलनाडु के थेनी जिले के छोटे से गांव उपुकोट्टाई के रहने वाले योगेश्वर अयोध्या केस में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. योगेश्वर ने 1994 में लॉ की डिग्री हासिल की इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एस बालाकृष्णन के साथ प्रैक्टिस शुरू की. इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद जब अयोध्या का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तब से योगेश्वर इस केस से जुड़े रहे. पीवी योगेश्वर हर रोज पांच घंटे सिर्फ अयोध्या केस पर ही देते थे.

पुराने रिकॉर्ड खंगालने में लग जाता था काफी वक्त
पीवी योगेश्वर की तरह ही वकील भक्ति वर्धन सिंह भी अयोध्या केस से जुड़ी जानकारी जुटाते थे. भक्ति वर्धन ने बताया कि विवाद से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन करने के साथ पुराने रिकॉर्ड खंगालते थे, जिसमें कई बार काफी लंबा समय लग जाता था. केस से जुड़े वरिष्ठ वकील के पराशरन, वैद्यनाथन और रंजीत कुमार हर रोज उनके केस से जुड़ी जानकारी हासिल करते थे. उन्होंने कहा कि मेरे जैसा वकील अपनी पूरी जिंदगी में जितना कुछ सीख सकता था, उससे कहीं ज्यादा मैंने शायद 9 साल तक इस केस पर काम करते हुए सीख लिया.

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अयोध्या केस के चलते सगाई की तारीख आगे बढ़ा दी
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आकृति चौके वरिष्ठ वकील एजाज मकबूल की सहयोग हैं. इस केस से जुड़ने के बाद उन्हें कई बार अपनी जिंदगी से जुड़े फैसलों में समझौते करने पड़े. आकृति की सगाई तय थी लेकिन उन्होंने इसकी तारीख आगे बढ़ा दी. कोर्ट की सुनवाई 6 अगस्त से लेकर 16 अक्टूबर तक थी. ऐसे में आकृति को छुट्टी लेनी पड़ती. आकृति ने अपनी सगाई से पहले अयोध्या केस को महत्व दिया. आकृति ने बताया कि समय कम होने के कारण अब उनकी सगाई नहीं होगी और वह सीधे शादी करेंगी.

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First published: November 10, 2019, 11:57 AM IST
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