संसद में आज हुई आयुर्वेद, अश्‍वगंधा और गिलॉय चर्चा, यह था कारण

संसद में आज हुई आयुर्वेद, अश्‍वगंधा और गिलॉय चर्चा, यह था कारण
संसद में हुई आयुर्वेद पर चर्चा.

संसद (Parliament) में बुधवार को आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान विधेयक पर चर्चा हुई. इस दौरान सांसदों ने आयुर्वेद, अश्‍वगंधा, गिलॉय और एलोवेरा पर चर्चा की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 16, 2020, 2:12 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) काफी तेजी से बढ़ रहा है. इस बीच शरीर की इम्‍युनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेद (Ayurveda) के इस्‍तेमाल की बात जोर पकड़ रही है. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय भी इस संबंध में गाइडलाइंस जारी कर चुका है. उसके अनुसार लोगों से इस महामारी के दौरान आयुर्वेद, अश्‍वगंधा और गिलॉय समेत अन्‍य चीजों के इस्‍तेमाल की अपील की. वहीं बुधवार को संसद के मॉनसून सत्र में राज्‍यसभा में भी इन सभी चीजों पर चर्चा हुई. दरअसल संसद में बुधवार को आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान विधेयक पर चर्चा हुई. इस दौरान सांसदों ने आयुर्वेद, अश्‍वगंधा, गिलॉय और एलोवेरा पर चर्चा की. इसके बाद संसद ने बुधवार को आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान विधेयक को पारित कर दिया.

संसद में आयुर्वेद पर चर्चा के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव का बिना नाम लिए भी उनपर निशाना साधा गया. राजद के मनोज झा ने इस दौरान कहा कि पूरे देश में आयुर्वेद को एक समान महत्‍व दिया जाए, इसेक लिए प्रयास किए जाने चाहिए. मनोज झा ने बिना नाम लिए बाबा रामदेव पर कहा कि एक महापुरुष ने जून में कहा कि उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण की दवा तैयार कर ली है. उन महापुरुष के बयान के बाद टीवी पर चर्चाएं होने लगीं. कोरोना संक्रमण की लड़ाई वैज्ञानिक तरीके से ही लड़ी जाए. इसको लेकर नियम कायदे होने चाहिए. मनोज झा ने कहा कि उनकी दवाएं बिक गईं और फिर बाद में ऐसा कहा गया कि वो तो इम्युनिटी बूस्टर है.

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बसपा सांसद सांसद वीर सिंह ने कहा कि मेरे स्वर्गीय नाना आयुर्वेद के वैद्य थे. उनके पास सुबह-सुबह ही बड़ी संख्‍या में मरीज आते थे. वह सभी को जड़ी-बूटियों से ही सही कर देते थे. उन्होंने आयुर्वेद के विकास का समर्थन किया था और कहा था कि यह काफी फायदेमंद होगा.

वाईएसआर कांग्रेस के सांसद वी विजय रेड्डी ने भी आयुर्वेद का समर्थन किया. उन्‍होंने कहा कि आयुर्वेद के लाभ किसी से छिपे नहीं है और सरकार को आयुर्वेदिक सेक्टर को बढ़ावा देने की जरूरत है. जेडीयू के रामचंद्र प्रसाद सिंह ने भी आयुर्वेद संबंधी बिल का समर्थन किया. उन्‍होंने कहा कि गुजरात में तीन संस्थानों को मिलाकर नेशनल इंस्टीट्यूट बनाया गया है. देश में आयुर्वेद का बहुत शानदार इतिहास है. कोरोना महामारी के समय दुनिया में लोग गिलोय, तुलसी और ऐलोवेरा की चर्चा कर रहे हैं.
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