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Exclusive: एलोपैथी विवाद पर बाबा रामदेव ने दी सफाई, जानिए 10 बड़ी बातें

रामदेव द्वारा सवाल उठाने जाने पर विवाद खड़ा हो गया है.

Yoga Guru Ramdev Exclusive Interview on Ayurvedic and Allelopathic Medicine : योग और आयुर्वेद की अहमियत बताते हुए रामदेव ने दावा किया कि 98 प्रतिशत बीमारियों का इलाज आयुर्वेद से मुमकिन है. रामदेव ने यह भी माना कि एलोपैथी की वजह से करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाई गई है, लेकिन आयुर्वेद का भी सम्मान होना चाहिए.

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    नई दिल्ली. एलोपैथ (Allopathic) पर दिए अपने बयान पर बाबा रामदेव (Ramdev) ने एकबार फिर से सफाई दी है. बाबा रामदेव ने कहा कि वह किसी का अपमान नहीं करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह इस विवाद को खत्म करना चाहते हैं क्योंकि इससे किसी का भला नहीं होने वाला है.

    रामदेव ने न्यूज 18 के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में विवाद से जुड़े सभी आरोपों पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि वह एलोपैथ का सम्मान करते हैं.



    आइए जानते हैं इंटरव्यू की 10 बड़ी बातें..
    Published by:Ashu
    First published:
    योग और आयुर्वेद की अहमियत बताते हुए रामदेव ने दावा किया कि 98 प्रतिशत बीमारियों का इलाज आयुर्वेद से मुमकिन है. रामदेव ने यह भी माना कि एलोपैथी की वजह से करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाई गई है, लेकिन आयुर्वेद का भी सम्मान होना चाहिए. रामदेव ने आईएमए को बताया अंग्रेजों का बनाया हुआ 'एनजीओ'.
    न्यूज18 इंडिया के साथ खास बातचीत में रामदेव ने दावा किया कि आयुर्वेद में कई बीमारियों का पक्का इलाज है. उन्होंने साथ ही एलोपैथ को महंगी दवाओं का चक्रव्यूह भी बता डाला.
    रामदेव ने कहा कि मैंने आईएमए की कोई मानहानि नहीं की, बल्कि मुझे आईएमए पर मानहानि का मुदमा करना चाहिए.' उन्होंने कहा कि वे 90 प्रतिशत डॉक्टरों का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ डॉक्टरों के कारण दिक्कत है.
    रामदेव ने कहा 'आईएमए के डॉक्टर असभ्यता से बात करते हैं और वे राजनीति पर उतर आए हैं. मेरा बयान आधिकारिक नहीं था. व्हाट्सऐप पर एक जानकारी आई थी, जिसे मैंने सिर्फ साझा किया.' मैं इसके लिए खेद भी जता चुका हूं.
    रामदेव ने आगे कहा, 'मेरे मन में किसी के लिए दुराग्रह नहीं है और मैं मानता हूं कि एलोपैथी ने करोड़ों जान बचाईं, लेकिन एलोपैथी में कई रोगों का विश्वसनीय इलाज नहीं है.
    कोरोना महामारी के इलाज में लोगों को दी जा रही दवाओं पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए रामदेव ने कहा, क्या किसी भी कोरोना की दवा का ट्रायल हुआ है? मैं ऐसा इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल का साइंटिफिक ट्रायल हुआ है.'
    रामदेव ने कहा कि जो लोग अभी भी इस विवाद को अनावश्यक तूल देना चाहते हैं, वह आत्म मूल्यांकन करें. उन्होंने कहा, 'आओ हम सब मिलकर देश की भलाई का काम करें. जो गरीब लोग हैं उनतक अर्फोडेबल इलाज पहुंचाएं. योग, आयुर्वेद नेचरोपैथी, खान-पान, होम रेमेडी को आम लोगों तक पहुंचाएं.' बता दें कि एलोपैथी पर दिए बयान के बाद IMA ने बाबा रामदेव को 1000 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है.
    बाबा रामदेव ने कहा कि अभी वक्त अपने स्वार्थों से उठकर इस राष्ट्र और गांव के अंतिम आदमी के बारे में सोचने का है. हमें उन मिडिल क्लास के बारे में भी सोचना है जो इलाज के लिए लाखों रुपये खर्च नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं इस विवाद को ईमानदारी और दिल से समाप्त करना चाहता हूं.'
    डॉक्टरों के अपमान के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा, 'मैं किसी डॉक्टर का अपमान नहीं करना चाहता हूं और ऐसा सोच भी नहीं सकता हूं. किसी का अनादर करने का प्रश्न ही नहीं है. मैं अभी भी कह रहा हूं कि ये संघर्ष किसी व्यक्ति के अनादर करने का नहीं है.
    ये एलोपैथी के अनादर करने का संघर्ष नहीं है. हम सब मिलकर मानवता का भला करें. इसी भावना के साथ मैं संवाद कर रहा हूं. मैंने उस समय भी अपना बयान वापस लिया और खेद व्यक्त किया. मैंने कोई बयान व्हाट्सएप पर पढ़ दिया और उससे भी किसी की भावना आहत हुई तो उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं. क्षमा मांगता हूं. मैं अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों से आगे बढ़ना चाहता हूं.'