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आयुर्वेदिक एंटीबायोटिक श्‍वसन तंत्र के संक्रमण से छुटकारा दिला सकती है- शोध

इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल ऑफ आयुर्वेदा एंड योगा में प्रकाशित 'शोध.

इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल ऑफ आयुर्वेदा एंड योगा में प्रकाशित 'शोध.

इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल ऑफ आयुर्वेदा एंड योगा में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधार्थियों ने बताया कि आयुर्वेदिक एंटीबायोटिक ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. आयुर्वेदिक एंटीबायोटिक ऊपरी श्वसन तंत्र के संक्रमण से निजात दिला सकती है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के शोधार्थियों ने देश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकृत रोगियों पर किए एक अध्ययन में पुष्टि की है. इससे पहले नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) और भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने आयुर्वेदिक एंटीबायोटिक को वायरस, बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण का नियंत्रण करने में आयुर्वेदिक दवा को कारगर बताया था.

    इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल ऑफ आयुर्वेदा एंड योगा में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधार्थियों ने बताया कि आयुर्वेदिक एंटीबायोटिक फीफाट्रोल में शामिल पांच औषधियां सुदर्शन वटी, संजीवनी वटी, गोदांती भस्म, त्रिभुवन कीर्ति रस और मृत्युंजय रस न सिर्फ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने बल्कि वायरस, बैक्टीरिया व परजीवी संक्रमण के घातक प्रभावों को घटाने में कारगर हैं.

    शोधार्थियों के अनुसार दवा में आठ  जड़ी बूटियां तुलसी, कुटकी, चिरायता, मोथा, गिलोय, दारुहल्दी, करंज, अपामार्ग के भी विशेष औषधीय गुण हैं. अपामार्ग और करंज वायरस से होने वाले दुषप्रभावों को निष्क्रिय करते हैं. कुटकी लीवर को ठीक करती है. तुलसी और गोदांती भस्म में एंटीवायरल गुण हैं. यह वायरस के प्रभाव को खत्म करती है. त्रिभुवन कीर्ति रस जुकाम को कम करता है.संजीवनी वटी से पसीना निकलता है, जिससे शरीर का तापमान गिरकर सामान्‍य हो जाता है. शोध में देखा गया है कि चौथे दिन मरीजों के लक्षणों में 69.5 फीसदी तथा सातवें दिन 90.36 फीसदी सुधार देखा गया.

    शोध के अनुसार दिसंबर 2019 से अप्रैल 2020 में उत्तराखंड के मदरहुड विश्वविद्यालय, गाजियाबाद स्थित आईएमटी और देहरादून स्थित उत्तरांचल आयुर्वेद कॉलेज के शोधार्थियों ने संयुक्त तौर पर पूरा किया है. इस दौरान, शोधार्थियों ने देश भर के विभिन्न  स्वास्थ्य केंद्रों में 203 मरीजों पर फीफाट्रोल का परीक्षण किया।

    Tags: Ayurveda Doctors, Ayurvedic

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