आयुष्मान भारत योजना: जेपी नड्डा बोले- हमें स्वास्थ्य के क्षेत्र में तस्वीर बदलनी है

हमारे पीएम मोदी कभी भी जनकल्याण को चुनावों से नहीं जोड़ते हैं. वो इसे देश के साथ जोडते हैं.

अमिताभ सिन्हा
Updated: April 19, 2018, 11:24 AM IST
अमिताभ सिन्हा
Updated: April 19, 2018, 11:24 AM IST
पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की. इससे देश के लगभग 50 करोड़ वंचित परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और उन तक बीमा योजना पहुंचाने का काम किया जाएगा. इसको लागू करने का जिम्मा सौंपा गया है केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पर. स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जानते हैं कि ये योजना सफल रही तो 2019 के लिए ये गेम चेंजर साबित हो सकती है. न्यूज 18 इंडिया के राजनीतिक संपादक अमिताभ सिन्हा से खास बातचीत में नड्डा ने पूरी योजना का खाका बताया. पेश हैं उनसे बातचीत के कुछ खास अंश

देश बहुमत बड़ा है नड्डाजी, ये आयुष्मान भारत योजना सफल कैसे होगी?

जवाब: पूरे देश को स्वास्थ्य सेवा का लाभ पहुंचे इसलिए पीएम मोदी ने इस योजना को मूर्त रुप दिया है. हमें देश के स्वास्थ्य की तस्वीर बदलनी है. ये प्रीवेंटिव है, ये प्रोमोटिव है और साथ में केयरटिव भी है. लोग इसे मोदी केयर के रुप में भी जानते हैं. इसमें हम 10 करोड़ गरीब और वंचित परिवारों को स्वास्थ्य की सुविधा देंगे. इन लोगों के जीवन स्तर को भी सुधारना है. डेढ़ लाख स्वास्थ्य केन्द्रों को वेलनेस सेंटरों में बदलेंगे. देश की स्वास्थ्य योजना अब पूरी तरह से बदल जाएगी और देश रोग से निरोगी बनने की दिशा में बढने लगा है.

इस योजना के तहत बीमा योजना भी आती है. वो कब से लागू की जाएगी?

जवाब: ये सुविधा हम 10 करोड़ परिवारों और 50 करोड़ लोगों तक पहुंचाने वाले हैं. ये दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम है. इसमें तमाम राज्यों को भी शामिल करना है. दुर्गम पहाड़ी राज्यों में केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच 90:10 के अनुपात में हिस्सा होगा तो दूसरे राज्यों में ये अनुपात 60:40 का होगा. इसमें सभी राज्यों के साथ करार करने के बाद ही टेंडर जारी करने का काम शुरु होगा. मई के अंत में टेंडरिंग का काम शुरु हो जाएगा. आईटी सिस्टम को मजबूत करने का काम चल रहा है ताकि कोई मुश्किल नहीं आए.

तो माना जाए कि 15 अगस्त से लागू हो जाएगा ये?

जवाब: अभी जल्दबाजी करना ठीक नहीं होगा. ये पेपरलेस और कैशलेश होगा इसलिए इसमें आईटी की मुश्किलें आ सकती हैं. इन्हें दूर किया जा रहा है.

इतनी बड़ी योजना है, इतना बड़ा बजट कहां से आएगा?

जवाब: बजट पूरा है. डाटा वेलिडेशन में एक महीना लगेगा. 30 अप्रैल तक हम सभी पंचायतों में जाकर लोगों की पहचान का काम करेंगे.

फर्जी पहचान पत्र बने होते हैं ऐसे में सही लोगों की पहचान कैसे होगी?

जवाब: 30 अप्रैल को सभी स्वास्थ्य अधिकारी, आंगनबाड़ी कर्मचारी, पंचायतों में जाएंगे और पंचायत के सदस्यों के सहयोग से लोगों की पहचना करेंगे. इन लोगों के पास एसईसीसी यानि सोशियो इकोनॉमिक कास्ट सेंसस का डाटा भी होगा.

ये योजना सिर्फ गरीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों के लिए है या फिर बाकी तबके के लिए भी है?

जवाब: ये एसईसीसी यानि सोशियो इकोनॉमिक कास्ट सेंसस के डाटा पर आधारित है. इसमें लोगों की पहचान करने के लिए 7 पैरामिटर हैं. इसके मुताबिक वंचित लोगों की संख्या लगभग 50 करोड़ है.

नड्डाजी तो क्या हम माने की ये 2019 का गेम चेंजर साबित होगा?

जवाब: ये स्वास्थ्य के क्षेत्र में निश्चित तौर पर देश की तस्वीर बदलेगा. हमारे पीएम मोदी कभी भी जनकल्याण को चुनावों से नहीं जोड़ते हैं. वो इसे देश के साथ जोडते हैं. हम तो बस इतना ही कहेंगे की हम देश की तस्वीर बदल के रहेंगे.
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