Baba Ka Dhaba: लोगों की भारी भीड़ से खुश "बाबा का ढाबा" के मालिक बोले- लग रहा पूरा देश हमारे साथ

बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी (Photo- ANI)
बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी (Photo- ANI)

Baba ka Dhaba: दिल्ली के मालवीय नगर के 'बाबा का ढाबा' के मालिक कांता प्रसाद का वीडियो वायरल होने का बाद से गुरुवार को भारी तादाद में लोग इस ढाबे पर पहुंच रहे हैं. इसके चलते ढाबा चलाने वाले कांता प्रसाद और बादामी देवी काफी खुश हैं.

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  • Last Updated: October 8, 2020, 11:01 PM IST
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नई दिल्ली. सोशल मीडिया (Social Media) पर दो दिन से दिल्ली (Delhi) के मालवीय नगर (Malviya Nagar) के एक ढाबे का वीडियो वायरल हो रहा है. एक फूड रीव्यूअर गौरव वासन द्वारा शूट किए गए इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे मालवीय नगर में "बाबा का ढाबा" (Baba Ka Dhaba) चला रहे एक बुजुर्ग दंपति परेशान हैं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद इस ढाबे पर अब भारी तादाद में लोग पहुंच रहे हैं. इतनी बड़ी तादाद में लोगों के पहुंचने पर बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद का कहना है कि ऐसा महसूस हो रहा है कि पूरा हिंदुस्तान हमारे साथ है. सभी लोग हमारी मदद कर रहे हैं. कांता प्रसाद ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि आगे भी लोग आते रहें और हम अपील करते हैं कि लोग यहां आएं.

वहीं कांता प्रसाद की पत्नी बादामी देवी का कहना है कि यहां पर कोई ग्राहक नहीं आ रहा था. हमें खाना अपने साथ घर वापस लेकर जाना पड़ता था. अब हम खुश हैं, ऐसा लगता है कि हमारे कई सारे परिवार हैं. बादामी देवी ने बताया कि वह और उनके पति ये ढाबा 1990 से चला रहे हैं. बादामी देवी ने बताया कि उनकी बिक्री पिछले दिनों से बिल्कुल बंद हो गई थी. खाना घर ले जाना पड़ता था और घर पर सब लोग वही खाना खाते थे.
बच्चे नहीं करते हैं मददबादामी देवी ने कहा कि ऐसा समय भी आया कि उनके यहां राशन खत्म हो गया और उन्हें तीन दिन उपवास करना पड़ा. उन्होंने कहा कि उस समय 30 रुपये किलो आटा मिल रहा था लेकिन उनके पास वह खरीदने के पैसे नहीं थे. बादामी देवी ने कहा कि उनके पास कमाई का और कोई जरिया नहीं था, बच्चे कमाते थे लेकिन कुछ देते नहीं थे. उन्होंने कहा, "अब एक बच्चे की नौकरी छूट गई एक बेटा काम करता है लेकिन वह एक भी पैसा नहीं देता है. बेटी मेरे पास रहती है वह भी कुछ नहीं करती है. 12 साल की नातिन को पढ़ाते हैं, लेकिन वह भी अब घर में रहकर पढ़ती है."बादामी देवी ने बताया कि आज सुबह से उनके ढाबे पर काफी लोग आ रहे हैं कुछ लोग चाय पी रहे हैं जबकि कई लोग खाना पैक करवा कर लेकर जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज उनके ढाबे पर इतने लोग आए कि दाल चावल खत्म हो गया. अब लोग मटर पनीर के साथ रोटी और पराठा ले रहे हैं.

लॉकडाउन के बाद से नहीं आ रहे थे लोग
80 साल की बादामी देवी ने कहा कि गौरव उनकी काफी मदद कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोग हमारे ढाबे पर आए हमें इतनी खुशी है कि ये सब हमारे परिवार जैसे हैं. दरअसल कोरोना वायरस के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन के बाद से लोगों ने इस जगह पर आना कम कर दिया था लेकिन अब ढाबे का वीडियो वायरल होने के बाद लोग इस बुजुर्ग दंपति की मदद के लिए इस ढाबे पर खूब जुट रहे हैं.
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