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BJP छोड़कर छलका बाबुल सुप्रियो का दर्द, बोले- क्या मेस्सी बार्सिलोना छोड़ना चाहते थे?

बीजेपी के पूर्व नेता बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल कांग्रेस का हाथ थाम लिया है.

बीजेपी के पूर्व नेता बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल कांग्रेस का हाथ थाम लिया है.

West Bengal Politics: बाबुल आसनसोल से 2014 की जीत भले ही एक सिंगर की छवि के कारण हुई, लेकिन जनता के लिए किए हुए कामों के चलते ही 2019 में उनकी जीत दोबारा सुनिश्चित हुई. कहा जा रहा है कि जुलाई में हुए कैबिनेट विस्तार में पद से हटाए जाने के बाद सुप्रियो नाराज चल रहे थे.

  • News18Hindi
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    कोलकाता. बॉलीवुड सिंगर से राजनेता बने बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) भारतीय जनता पार्टी (BJP) से विदा लेकर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो चुके हैं. अब एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि वे ऐसी पार्टी का हिस्सा बनना चाहते हैं, जो उन्हें गर्मजोशी से साथ रखे और प्लेइंग 11 का हिस्सा बनाए. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) और टीएमसी का धन्यवाद किया. कहा जा रहा है कि जुलाई में हुए कैबिनेट विस्तार में पद से हटाए जाने के बाद सुप्रियो नाराज चल रहे थे.

    एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं किसी भी टीम के लिए खेलता हूं, तो मैं मैदान पर अपना खून-पसीना देना चाहता हूं. जनता से सैलरी और सुविधाएं लेकर कुर्सी गर्म करना मेरे डीएनए में नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘मैं उस टीम के लिए खेलूंगा, जो मुझे खेलने देगा…’ इस दौरान उन्होंने अलग-अलग दलों के लोगों के भाजपा में शामिल होने पर भी बात की.

    सुप्रियो ने कहा, ‘जब बीजेपी ने बंगाल में पूरी तरह अपने दरवाजे खोल दिए थे और सभी दलों के लोग इसमें शामिल हो रहे थे, तो मैं अकेला इसका विरोध कर रहा था.’ उन्होंने कहा, ‘अगर बीजेपी को लगता है कि मेरा टीएमसी में शामिल होना गलत है… तो उन्हें उनके साथ शामिल होने वाले सभी लोगों को माला पहनाना चाहिए और उनकी पुरानी पार्टियों में वापस भेज देना चाहिए.’ उन्होंने इस बात से भी इनकार किया है कि वे टीएमसी में ताकत हासिल करने आए हैं.

    फुटबाल दिग्गज लियोनल मेस्सी का उदाहरण देते हुए सुप्रियो ने कहा, ‘क्या वो बार्सिलोना छोड़ना चाहते थे? हालात ऐसे हो गए थे कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रो पड़े थे. इसके बाद वे पीएसजी चले गए. और अब आप कह रहे हैं कि पीएसजी के लिए खेलते हुए, क्या उनसे बार्सिलोना के खिलाफ गोल उम्मीद है? या वे गोल पोस्ट के सामने जाकर सीधे खड़े हो जाएं, क्योंकि उन्हें उनकी पुरानी टीम के प्रति वफादार रहना होगा… जिसने उन्हें तैयार किया.’

    उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आसनसोल से 2014 की जीत भले ही एक सिंगर की छवि के कारण हुई, लेकिन जनता के लिए किए हुए कामों के चलते ही 2019 में उनकी जीत दोबारा सुनिश्चित हुई. इस दौरान सुप्रियो ने बंगाल में ‘तालिबानीकरण’ के मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा कि इस शब्द का इस्तेमाल ऐसे ही नहीं किया जाना चाहिए. टीएमसी नेता ने कहा कि जब विपक्ष और गीतकार जावेद अख्तर ने ऐसी ही बातें बीजेपी के खिलाफ कही थी, तो उन्होंने इनका विरोध किया था.

    उन्होंने कहा, ‘तालिबान, बहुत छोटी और ओछी मानसिकता का नाम है. इस शब्द का इस्तेमाल हल्के में नहीं करना चाहिए.’ बंगाल बीजेपी के नए प्रमुख सुकांतो मजूमदार ने कथित रूप से ‘तालिबानीकरण’ को लेकर बयान दिया था. पार्टी छोड़ने को लेकर सुप्रियो ने कहा, ‘मैंने कोई इतिहास नहीं रचा है… मैं पहला नहीं हूं, जिसने पार्टी छोड़ी और दूसरे दल में शामिल हुआ.’

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