Home /News /nation /

गिर के जंगल में मुर्गी दिखाकर शेरनी को तंग करने वाले को नहीं मिली जमानत

गिर के जंगल में मुर्गी दिखाकर शेरनी को तंग करने वाले को नहीं मिली जमानत

शेरनी को परेशान करते आरोपी

शेरनी को परेशान करते आरोपी

गुजरात के गिर अभयारण्य का वीडियो वायरल हुआ था, कोर्ट ने कहा आरोपी के करतूत से शेरों के कुदरती व्यवहार पर असर पड़ सकता है

  • News18Hindi
  • Last Updated :
    विजयसिंह परमार

    गिर अभयारण्य में शेरों का अवैध शो करने के आरोपी की जमानत की अर्जी जिला और सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है. इलियास अद्रेमान होथ नाम के इस आरोपी ने एशियाई शेरों के इस अभयारण्य में दो बार अवैध तरीके से लॉयन शो आयोजित किया था. इस लॉयन शो के बुरे प्रभाव को गंभीर मानते हुए अदालत ने आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया.

    केस के ब्योरे के मुताबिक गिर के बाबरिया फॉरेस्ट रेंज के रेज फॉरेस्ट ऑफिसर डॉ. राजन जाधव और उनकी टीम ने जांखिया में छापा मार कर मुख्य आरोपी होथ को बंदी बनाया था. उसने दूसरे आरोपियों के साथ मिल कर 19 मई को अवैध तरीके से शो आयोजित किया था. उसके मोबाइल फोन से तमाम वीडियो क्लिप भी मिली थीं. इन वीडियो क्लिप में जिस तरह से आरोपी जंगल में शेरों को छेड़ रहा ता उसे देख कर पूरे देश के वन और अभयारण्यों के अधिकारी हैरान हो गए थे.

    ये भी देखें : कैसे मुर्गी दिखाकर शेरनी को परेशान कर रहा था वो...

    आरोपी को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 2 (16) बी, 2(36), 9, 27 और 51 के तहत जेल भेजा गया. वीडियो में दिख रहा है कि एक आदमी मुर्गी को फेंकने का नाटक कर रहा है और शेरनी उसे देख रही है. वीडियो में खड़ा व्यक्ति आराम से बता रहा है कि ये उसके लिए रोज का काम है और उसे कोई नुकसान आज तक नहीं हुआ है. जांच के दौरान वन विभाग ने कुल आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया. इनमें से सात को जमानत पर छोड़ दिया गया. जबकि मुख्य आरोपी इलियास जेल में ही बंद रहा.

    वन अधिकारियों के मुताबिक इलियास आदतन एक अपराधी है और उसका आपराधिक इतिहास रहा है. इलियास की जमानत प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट, सत्र और न्यायाधीश समेत गुजरात हाईकोर्ट से पहले भी खारिज हो चुकी है.

    ये भी देखें : कर्नाटक के इन हाथियों को दी जा रही है हिंदी में ट्रेनिंग

    बहरहाल वन अधिकारियों द्वारा मजिस्ट्रेट के यहां आरोप पत्र दायर किए जाने के बाद उसने फिर से उना में जिला और सत्र न्यायाधीश के यहां अर्जी लगाई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा-“वीडियो क्लिप में साफ साफ दिख रहा है कि आरोपी शेरों के निवास में जिस तरह का काम कर रहा है उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. पहली नजर में ही ये साफ हो गया है कि सरकार द्वारा उसे दी गई भूमि पर उसने अवैध तरीके से शो आयोजित किए. ये भी ठीक है कि आरोपी की नीयत शेरों को मारने की नहीं थी, फिर भी उसकी करतूत से शेरों के कुदरती व्यवहार पर असर पड़ सकता है. लिहाजा इसे एक गंभीर अपराध माना जाता है.”

    वन अधिकारियों ने न्यूज 18 को बताया कि ये फैसला बहुत अहम है, भले ही आरोपी शिकार में नहीं लगा हुआ था, फिर भी उसे अगर इस अपराध में सजा होती है तो सात साल तक की हो सकती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज 18 को बताया, “आम तौर पर जिन मामलों में सात साल तक की सजा होती है उनमें आरोपियों को जमानत दे दी जाती है. लेकिन इस मामले में केस की गंभीरता की देखते हुए अदालत ने जमानत नहीं दी.”

    Tags: Gujarat, Sanctuary and National Parks, Wildlife department

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर