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पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले के बाद अजीत डोभाल को आया था फोन कॉल- 'बंदर मारा गया'

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

Balakot Air strike: बालाकोट में हुए एयर स्ट्राइक में भारी संख्या में आतंकी कैंप को तबाह किया गया था. हमले में कई आतंकियों की मौत हुई थी. इस घटना से जुड़ी कई जानकारियां अब सामने आ रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 12:10 PM IST
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नई दिल्ली. दो साल पहले यानी 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 40 से ज्यादा भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. हमले के ठीक 13 दिन के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुस कर बालाकोट पर एयर स्ट्राइक (Balakot Air strike) किया था. इस हमले में भारी संख्या में आतंकी कैंप को तबाह किया गया. हमले में बड़ी संख्या में आतंकियों की मौत हुई थी. इस घटना से जुड़ी कई जानकारियां अब सामने आ रही है. कहा जा रहा है कि इस सफल ऑपरेशन की जानकारी सबसे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) को दी गई थी.

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक 26 फरवरी 2019 को सुबह ठीक 3 बजकर 45 मिनट पर अजीत डोभाल को कॉल किया गया. उन्हें ये कॉल उस समय भारतीय वायुसेना के प्रमुख बीएस धनोआ ने किया था. उन्होंने डोभाल से फोन पर कहा- 'बंदर मारा गया'. ये कॉल स्पेशल RAX नंबर से की गई थी. ये एक बेहद खास तरह की फिक्स्ड लाइन नेटवर्क होती है. इस पर होने वाली बातचीत को बेहद सुरक्षित माना जाता है.

डोभाल ने किया था पीएम मोदी को कॉल
अखबार के मुताबिक डोभाल ने तुरंत इसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दी. बता दें कि इस ऑपरेशन पर पीएम मोदी की खास नज़र थी. इसके बाद बीएस धनोआ ने उस वक्त के रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को भी कॉल किया. इसके अलावा इस सफल ऑपरेशन की जानकारी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के सचिव अनिल धसमाना को भी दी गई थी.
कोडवर्ड में हुई थी बात


बीएस धनोआ ने उस वक्त कोडवर्ड में डोभाल को जानकारी दी थी. 'बंदर मारा गया' का मतलब था बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने खत्म हो गए हैं. वायु सेना के अधिकारिओं के मुताबिक ये कोर्डवर्ड जानबूझकर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी को कंफ्यूज करने के लिए रखा गया था. दरअसल इससे पाकिस्तान ये समझता कि जैश का चीफ मसूद अजहर की मौत हुई है. वो उन दिनों जैश के हेडक्वार्टर बहावलपुर में सुरक्षित रह रहा था.

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26 फरवरी को ही क्यों हुआ था हमला
अखबार के मुताबिक उस वक्त पाकिस्तान को चकमा देने के लिए भारतीय वायुसेना ने राजस्थान की तरफ एक फाइटर जेट भेज दिया था. इससे चकमा खा कर पाकिस्तान ने अपने फाइटर जेट बहावलपुर के आसमानों में भेज दिया. ये भी जानकारी मिली है कि 26 फरवरी को ही हमले की प्लानिंग खास मकसद से की गई थी. दरअसल ये पूर्णिमा की आखिरी रात थी. ऐसे में भारत पीरपंजाल की पहाड़ियों पर पाकिस्तान को चकमा देने में कामयाब रहा. अधिकरियों के मुताबिक पाकिस्तानी समय के मुताबिक 3 से साढ़े तीन बजे के बीच 5 बम दागे गए थे.

पीएम ने बुलाई थी बैठक
ऑपरेशन पूरा होने के बाद सभी वरिष्ठ मंत्रियों, शीर्ष पीएमओ अधिकारियों, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, विदेश सचिव, सचिव (RAW), निदेशक इंटेलिजेंस ब्यूरो और तत्कालीन वायु सेना प्रमुख के साथ पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा एक कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में पीएम मोदी ने भारतीय खुफिया एजेंसी को धन्यवाद दिया था.
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