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'जाधव कभी बलूचिस्तान नहीं आए, किडनैपिंग के लिए ISI ने आंतकी मुल्ला उमर को दिए करोड़ों रुपये'

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है.

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है.

पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी को लेकर नया खुलासा हुआ है. बलूचिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता मामा कादिर बलोच ने न्यूज 18 से खास बातचीत में कहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ईरान से जाधव का अपहरण करने के लिए मुल्ला उमर को करोड़ों रुपये दिए थे.

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मनोज गुप्ता

पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी को लेकर नया खुलासा हुआ है. बलूचिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता मामा कादिर बलोच ने न्यूज 18 से खास बातचीत में कहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (ISI) ने ईरान से जाधव का अपहरण करने के लिए जैश-उल-अदल के आतंकी मुल्ला उमर को करोड़ों रुपये दिए थे.

कादिर बलोच पूरे बलूचिस्तान में फैले अपने नेटवर्क के हवाले से कहते हैं कि जाधव का ईरान के चाबहार से मुल्ला उमर ने अपहरण किया था. कादिर बलोच 'वॉइस ऑफ मिसिंग बलोच' नाम की संस्था के वाइस प्रेसिडेंट हैं. उन्होंने बताया कि इस संस्था के कोऑर्डिनेटरों को जानकारी मिली है कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था.

बलोच के मुताबिक मुल्ला उमर बलूचिस्तान में ISI द्वारा हायर किए गए आतंकी के रूप में कुख्यात है. वह ISI के लिए बलूचिस्तान के कार्यकर्ताओं और फ्रीडम फाइटर्स की किडनैपिंग का काम करता है. उन्होंने कहा, “कुलभूषण जाधव को ईरान के चाबहार से मुल्ला उमर नाम के आतंकी ने किडनैप किया था. हमारे को-ऑर्डिनेटर वहां थे. आईएसआई ने मुल्ला को जाधव के अपहरण के लिए करोड़ों रुपये दिए.”

इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए बलोच ने बताया, "जाधव के हाथ बंधे हुए थे, आंखों में पट्टी लगी थी और उन्हें कार में धक्का दिया जा रहा है. चाबहार से उन्हें ईरान-बलूचिस्तान के बॉर्डर पर स्थित मश्कल शहर लाया गया. यहां उन्हें आईएसआई के हवाले किया गया. इसके बाद आईएसआई ने घोषणा की कि जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया है. सच तो यह है कि जाधव बलूचिस्तान आए ही नहीं थे. उनका मुल्ला उमर ने अपहरण किया था." बलोच ने बताया कि उनकी टीम की जांच में सामने आया कि कुलभूषण जाधव अपनी जिंदगी में कभी बलूचिस्तान नहीं आए हैं. उन्होंने कहा, “जब जाधव को पाकिस्तान लाया गया तो उनके अपहरण की खबर उड़ी. जब हमारे को-ऑर्डिनेटर्स ने इनवेस्टीगेट किया तो पता चला कि वह कभी बलूचिस्तान आए ही नहीं है. बलूचिस्तान के हर जिले में हमारा एक कोऑर्डिनेटर है. उन्हें बलूचिस्तान में किसी कोऑर्डिनेटर ने और किसी नागरिक ने कभी नहीं देखा.”

आईएसआई की निगरानी में सबकुछ
बलोच ने बताया कि आईएसआई बलूचिस्तान की हर गतिविधि पर नजर रखती है. हर जगह चेकपोस्ट है. उन्हें यहां आने वाले और यहां से जाने वाले हर व्यक्ति की जानकारी होती है. किसी विदेशी का आईएसआई की जानकारी के बिना बलूचिस्तान में घुसना संभव ही नहीं है. उन्होंने बताया कि लोगों को किडनैप कराना आईएसआई की पुरानी रणनीति है. उनके खुद के बेटे को पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी ने किडनैप कर लिया है. उन्होंने कहा, “ हमारे पास चश्मदीद गवाह हैं जो यह साबित कर सकते हैं कि पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई लोगों के अपहरण के लिए आतंकी संगठनों का इस्तेमाल करती हैं. मेरे बेटे को आईएसआई ने 2009 में किडनैप किया था. तीन साल बाद हमें उसकी डेडबॉडी मिली थी.”

पाकिस्‍तान ने जाधव को सुनाई है मौत की सजा
जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. यह मुद्दा अब दोनों देशों के बीच विवाद का मुद्दा बन गया है. पाकिस्तान का दावा है कि साल 2016 में 3 मार्च को बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा जाधव को गिरफ्तार किया गया था. पाकिस्तान के मुताबिक जाधव रॉ से संबद्ध एक जासूस हैं. वहीं भारत का कहना है कि जाधव एक पूर्व नौसेना अधिकारी हैं. सेवानिवृत्त होने के बाद वह अपना कारोबार कर रहे थे. भारत का दावा है कि जाधव को ईरान से अगवा कर पाकिस्तान को सौंपा गया है.

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