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छत्तीसगढ़ः बालोद ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी, अवैध संबधों के चलते हुई थी 27 साल के युवक की हत्या

छत्तीसगढ़ के बलोग में 27 साल के युवक के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को पुलिस ने 1 दिन के भीतर ही सुलझा लिया.

छत्तीसगढ़ के बलोग में 27 साल के युवक के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को पुलिस ने 1 दिन के भीतर ही सुलझा लिया.

Murder case: ताक पर बैठे बालकराम और रुमनलाल बीच रास्ते पर रोक दिया. इसके बाद बालकराम ने कामता प्रसाद को समझाने की कोशिश ...अधिक पढ़ें

बालोद (छत्तीसगढ़). छत्तीसगढ़ के बालोद में 27 साल के युवक के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को पुलिस ने 1 दिन के भीतर ही सुलझा लिया. 24 घंटे के भीतर घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है.

दरअसल, दल्ली राजहरा थाना क्षेत्र के रजही गांव के खेत में बुधवार सुबह गांव के ही 27 साल के कामता प्रसाद की लहूलुहान हालत में लाश मिली. जानकारी मिलते ही मौके पर राजहरा थाने की टीम के साथ ही पुलिस के बड़े ऑफिसर पहुंचे थे, जिसके बाद लाश को देखने से हत्या प्रतीत होने पर डॉग स्क्वायड और एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया. मृतक के सिर पर चोट के निशान थे और गले में गमछा लगा हुआ था. घटना स्थल के पास मृतक की साइकिल भी मिली थी और राजहरा थाने में मर्ग कायम कर आरोपी की खोजबीन शुरू कर दी.

मामले की गंभीरता को देखते एसपी जितेंद्र कुमार यादव ने राजहरा थाने की टीम के अलावा साइबर सेल की टीम को भी आरोपी को तलाशने के लिए जुटी थी. इसी दौरान ग्रामीणों से पूछताछ पर पता चला कि मृतक का उनके पड़ोसी बालक राम के घर आना जाना लगा रहता था, जिसके चलते बालक राम कामता प्रसाद पर उनकी पत्नी के साथ अवैध संबंध को लेकर शक करता था. इसको लेकर कई दोनों के बीच दफा विवाद भी हो चुका है.

जब के बाद पुलिस ने बालकराम को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया तो उसने अपने साथी रुमन लाल के साथ मिलकर कामता प्रसाद की हत्या करने की बात कबूल की.

मुख्य आरोपी बालक राम ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी के साथ कामता प्रसाद का अवैध संबंध होने का शक करता था, जिसको लेकर कई बार उसने कामता प्रसाद को समझाया भी. 2 साल पहले गांव में भी इस बात का जिक्र किया था, लेकिन शिकायत का कुछ खास असर देखने को नहीं मिला. उसी समय से वह कामता प्रसाद से बदला लेने की फिराक में था और जब बुधवार की शाम 5:30 बजे कामता प्रसाद राजहरा से राज मिस्त्री का काम अपने घर रजही वापस लौट रहा था, तब ताक पर बैठे बालकराम और रुमनलाल बीच रास्ते पर रोक दिया. इसके बाद बालकराम ने कामता प्रसाद को समझाने की कोशिश की, लेकिन मामला और बिगड़ता चला गया और समझाइश विवाद का रूप ले लिया.

समझाइश के दौरान दोनों के बीच हाथापाई हुई. इसके बाद कामता प्रसाद के गले पर लगे गमछा से बालक राम ने उसका गला घोट दिया. पास में ही खड़े रुमनलाल गुलेल में पत्थर लगाकर लगातार कामता प्रसाद पर वार करता रहा, जिसके बाद रुमनलाल पैरा बांधने वाली रस्सी से दूसरी बार गला घोट कर उसे मौत के घाट उतार दिया और उसका मोबाइल निकाल लिया. मोबाइल कवर और रस्सी को घटनास्थल से 200 मीटर दूर डेम में फेंक दिया और अपने घर चले गए.

Tags: Murder case, Raipur news

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