लाइव टीवी

PFI नेता पर चलेगा RSS कार्यकर्ता की हत्या का मुकदमा, SC ने खारिज की बचाव याचिका

News18Hindi
Updated: July 1, 2019, 12:25 PM IST
PFI नेता पर चलेगा RSS कार्यकर्ता की हत्या का मुकदमा, SC ने खारिज की बचाव याचिका
सुप्रीम कोर्ट की ओर से याचिका खारिज किए जाने के बाद अब पीएफआई नेता पर मुकदमा चलेगा.

आरएसएस के कार्यकर्ता की निर्मम हत्य के बाद स्वयंसेवक सड़क पर उतर गए थे. मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री आर अशोक, सांसद शोभा कारांदलजे, पीसी मोहन जैसे ‌दिग्गज बीजेपी और आरएसएस नेताओं ने सड़क पर उतर मार्च निकाला था.

  • Share this:
सुप्रीम कोर्ट ने पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य की बचाव याचिका खारिज कर दी है. साल 2016 में बेंगलुरू में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पीएफआई नेता की याचिका खारिज की गई है. मामले में पहले ही पीएफआई नेता पर हत्या में कथित संलिप्तता को लेकर आरोप तय हो चुके हैं. लेकिन आरोपी ने कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती थी पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद आरोपी पर फिर से मुकदमा चलने के रास्ते साफ हो गया.

न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की एक पीठ ने असिम शरीफ की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उसने अपने खिलाफ हत्या और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े आरोप तय करने को चुनौती दी थी.

गौरतलब है कि 16 अक्तूबर 2016 को बेंगलुरू के शिवाजी नगर इलाके में आरएसएस के कार्यकर्ता रूद्रेश की धारदार हथियार से काट कर हत्या कर दी गई थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मामले की जांच कर रही है. मामले में शरीफ के अलावा, कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोपपत्र तैयार किए गए हैं.

आरएसएस के कार्यकर्ता की हत्या के बाद बेंगलुरू में हुआ था बड़ा विरोध प्रदर्शन

अक्टूबर 2016 का यह मामला बेहद चर्चित रहा था. आरएसएस के कार्यकर्ता की निर्मम हत्य के बाद स्वयंसेवक सड़क पर उतर गए थे. मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री आर अशोक, सांसद शोभा कारांदलजे, पीसी मोहन जैसे ‌दिग्गज बीजेपी और आरएसएस नेताओं ने सड़क पर उतर मार्च निकाला था.

यह भी पढ़ेंः मोहन भागवत की ट्विटर पर एंट्री, बस एक हैंडल को करते हैं फॉलो

यही मामले के बाद जब शिवाजीनगर में आरएसएस ने बंद आह्वान किया तो पूरे शहर को केंद्रीय बलों की टुकड़ियों ने पैक कर दिया था. कई विरोध प्रदर्शनों को रास्ते में रोक दिया गया था.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 1, 2019, 12:25 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर