बांग्लादेशः इलाज के लिए विदेश जाना चाहती हैं पूर्व PM खालिदा जिया, याचिका खारिज

कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने जिया को विदेश जाने देने की कानूनी गुंजाइश और बाधाओं की समीक्षा करने के बाद अपनी राय मंत्री को बताई थी.

कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने जिया को विदेश जाने देने की कानूनी गुंजाइश और बाधाओं की समीक्षा करने के बाद अपनी राय मंत्री को बताई थी.

Bangladesh Corona situation: मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख जिया (76) विदेशी दान गबन करने के आरोपों में 17 साल के कारावास की सजा काट रही हैं.

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ढाका. बांग्लादेश ने जेल की सजा काट रहीं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की इलाज के लिये विदेश जाने की याचिका रविवार को खारिज कर दी और कहा कि ''जेल की सजा काट रहे किसी दोषी को इलाज के लिये विदेश जाने की अनुमति देने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं हैं. मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख जिया (76) विदेशी दान गबन करने के आरोपों में 17 साल के कारावास की सजा काट रही हैं. कोविड-19 महामारी के चलते उन्हें अस्थायी रूप से जेल से रिहा किया गया है.

जिया अप्रैल की शुरुआत में कोविड-19 की चपेट में आ गई थीं. डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल वह संक्रमण मुक्त हो गई हैं और यहां एक अस्पताल में उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है. कानून मंत्रालय द्वारा जिया की याचिका खारिज किये जाने के कुछ ही घंटे बाद गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने समाचार ब्रीफिंग के दौरान कहा, ''जेल की सजा काट रहे दोषी को इलाज के लिये विदेश जाने की अनुमति देने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है.''

कोरोना संक्रमण से उबर चुकी हैं जिया

कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने जिया को विदेश जाने देने की कानूनी गुंजाइश और बाधाओं की समीक्षा करने के बाद अपनी राय मंत्री को बताई थी. जिया के डॉक्टरों ने बताया कि वह संक्रमण से उबर चुकी हैं, जिसके बाद सरकार ने आधिकारिक रूप से उनकी याचिका खारिज कर दी.
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16 मई तक के लॉकडाउन का ऐलान

बांग्लादेश के कैबिनेट सचिव खांडकर अनवरुल इस्लाम ने बताया कि मंत्रिमंडल ने लॉकडाउन को 16 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है. इस्लाम ने कहा कि अंतरराज्यीय बस, ट्रेन और फेरी सेवाएं अभी फिलहाल निलंबित रहेंगी. हालांकि 5 मई के बाद शहरों में बसें चलती रहेंगी.




इसी बीच सरकार शॉपिंग सेंटर और मॉल्स की भी निगरानी कर रही है ताकि सख्त तरीके से दिशानिर्देश का पालन हो. उन्होंने कहा कि अगर यह पाया गया कि कोई शॉपिंग सेंटर में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो जरूरत पड़ने पर उन्हें बंद कर दिया जाएगा. मांग बढ़ने की वजह से सरकार ने दुकानों और मॉल्स को 25 अप्रैल से फिर से खोलने का फैसला लिया था.

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