भारत की नागरिकता लेने के मामले में नंबर वन और दो पर हैं इस देश के लोग

सरकार के नए कानून के बाद से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नागरिकों की राह आसान हो जाएगी. (File Photo)
सरकार के नए कानून के बाद से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नागरिकों की राह आसान हो जाएगी. (File Photo)

नागरिकता लेने वालों में अमेरिका (America) और ब्रिटेन भी शामिल हैं, लेकिन इन दो देशों के मुकाबले इनका नंबर कई गुना कम है. 5 साल में अलग-अलग देशों के लगभग 19 हज़ार नागरिक भारत की नागरिकता ले चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 2:36 PM IST
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नई दिल्ली. बीते कुछ महीने पहले राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) और नागरिकता संशोधन कानून CAA के पक्ष और विरोध में खासा हो-हल्ला हुआ था. लेकिन इसी हंगामे के बीच एक खासी चौंकाने वाली खबर सामने आई है. देश के दो ऐसे पड़ोसी देशों का खुलासा हुआ है, जहां के लोग भारत की नागरिकता (Citizenship) लेने के मामले में नंबर वन और दो पर हैं. हालांकि इसमे से एक वो देश भी है जो भारत के खिलाफ ही साजिश रचता रहता है. नागरिकता लेने वालों में अमेरिका (America) और ब्रिटेन भी शामिल हैं, लेकिन इन दो देशों के मुकाबले इनका नंबर कई गुना कम है. 5 साल में अलग-अलग देशों के लगभग 19 हज़ार नागरिक भारत की नागरिकता ले चुके हैं.

नागरिकता लेने में बांग्लादेश नंबर वन तो पाकिस्तान है नंबर 2 पर

हाल ही में गृह मंत्रालय ने नागरिकता देने से जुड़े कुछ आंकड़े जारी किए हैं. कहने को तो आंकड़ों की इस लिस्ट में भारत के पड़ोसियों समेत 56 देश हैं, लेकिन एक जो बड़ा नंबर है वो हमारे पड़ोसियों का ही है. इस लिस्ट में सबसे ऊपर पहले नंबर पर बांग्लादेश है. साल 2015 से 2019 के दौरान बांग्लादेश के 15012 नागरिकों ने भारत की नागरिकता ली है. सबसे ज़्यादा 14880 बाागलादेशी नागरिकों ने साल 2015 में भारत की नागरिकता ली थी.



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भारत की नागरिकता लेने वालों में नेपाल और श्रीलंका भी शामिल हैं.

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जबकि पाकिस्तान के 2668 नागरिक 5 साल में भारत की नागरिकता ले चुके हैं. 2019 में सबसे ज़्यादा 809 पाकिस्तानी नागरिक नागरिकता लेकर भारत आए हैं. इस मामले में अफगानिस्तान के नागरिक भी पीछे नहीं हैं. 5 साल में 665 अफगानी नागरिक भारतीय बन चुके हैं. 2015 और 2016 में 234 और 244 अफगानी नागरिकों ने भारत की नागरिकता ली है.

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नेपाली और श्रीलंकाई को भी भाया भारत  

ऐसा भी नहीं है कि भारत की नागरिकता लेने के लिए सिर्फ बांग्लादेश और पाकिस्तान ही आतुर रहते हैं. नागरिकता लेने वालों की फेहरिस्त में हमारे दो और पड़ोसी श्रीलंका और नेपाल भी हैं. बीते 5 साल में एक और जहां श्रीलंका के 109 नागरिकों ने तो नेपाल के 40 नागरिकों ने भारत की नागरिकता ली है. जानकारों की मानें तो हालांकि नागरिकता मांगने वालों का नंबर खासा बड़ा होता है, लेकिन किसी भी विदेशी को नागरिकता देते वक्त कई बातों का ख्याल रखा जाता है और दस्तावेजों की प्रक्रिया भी पूरी करनी होती है. जो भी इन मापदंड पर पूरा नहीं उतरता है उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाता है.
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