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Bankura lok sabha elections 2019: मुनमुन सेन ने रोका था 1980 से चला आ रहा CPM का विजय रथ

Bankura lok sabha elections 2019: मुनमुन सेन ने रोका था 1980 से चला आ रहा CPM का विजय रथ

2014 के लोकसभा चुनाव में सेन के सीपीएम के बड़े नेता आचारिया बसुदेब को 98 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी थी

2014 के लोकसभा चुनाव में सेन के सीपीएम के बड़े नेता आचारिया बसुदेब को 98 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी थी

2014 के लोकसभा चुनाव में सेन के सीपीएम के बड़े नेता आचारिया बसुदेब को 98 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी थी

    पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से एक बांकुरा लोकसभा सीट भी है. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी यहां कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. इस बार मुकाबला बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच है. इस सीट पर मौजूदा सांसद तृणमूल कांग्रेस की नेता और मशहूर अभिनेत्री मुनमुन सेन हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में सेन के सीपीएम के बड़े नेता आचारिया बसुदेब को 98 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी थी.

    आचारिया को हराना आसान नहीं था, क्योंकि वो 1980 से लेकर 2014 तक लगातार 9 बार सांसद रहे थे. लेकिन राज्य और देश भर में सीपीएम की कमजोर होती पकड़ का असर 2014 के चुनाव में भी देखने को मिला और सीपीएम को अपनी सबसे सुरक्षित सीट से हाथ धोना पड़ा. हालांकि मुनमुन सेन के लिए ये जीत खास थी, क्योंकि बांकुरा में जीत दर्ज कर वो पहली बार संसद पहुंचीं.

    बांकुरा 1951 में ही संसदीय क्षेत्र बन गया था और यहां 1952 और फिर 1957 में दो बार चुनाव कराने पड़े. पहली बार इस सीट पर 1952 में हुए चुनाव में कांग्रेस के पशुपति मंडल ने जीत दर्ज की. लेकिन दोबारा जब चुनाव हुए तो कांग्रेस के ही जगन्नाथ कोली को जीत मिली. ऐसे ही 1957 में भी दो बार चुनाव हुए, जिसमें पहली बार कांग्रेस के ही टिकट पर लड़े राम गति बनर्जी को जीत मिली और दूसरी बार भी कांग्रेस प्रत्याशी पशुपति मंडल ने जीत का परचम लहराया. इसके बाद कांग्रेस के उम्मीदवार 1962 तक चुनाव जीतते रहे. लेकिन 1967 में सीपीआई के केएम विश्वास चुनाव जीते और पहली बार गैर कांग्रेसी दल के नेता ने जीत हासिल की. हालांकि 1971 में फिर कांग्रेस ने बाजी मारी.

    1980 से इस सीट पर सीपीएम के दबदबे का दौर शुरू हुआ. 1980 के चुनाव में पहली बार सीपीएम के टिकट पर चुनाव लड़ रहे आचार्य बसुदेव ने चुनाव जीता. 1984 में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूरे देश में कांग्रेस की लहर चली. लेकिन बसुदेव ने तब भी इस सीट पर कब्जा जमाए रखा. इसके बाद 1989 से 2009 तक बसुदेव ही यहां से सांसद रहे. उनका विजय रथ आखिरकार टीएमसी उम्मीदवार मुनमुन सेन ने रोका और पहली बार इस सीट पर टीएमसी का सांसद चुना गया. 2014 लोकसभा चुनाव में बांकुरा लोकसभा सीट पर कुल 15 लाख से ज्यादा वोटर्स थे, जिनमें 7 लाख 70 हजार से ज्यादा पुरुष और 7 लाख 25 हजार से ज्यादा महिलाएं थीं. 2014 के चुनाव में यहां 82 फीसदी वोट पड़े थे.

    लोकसभा की 543 सीट पर किस पार्टी का कौन सौ उम्मीदवार कहां से चुनाव लड़ रहा है, ये जानकारी देने के लिए अब आपको मोबाइल या लैपटॉप पर यहां-वहां नहीं भटकना पड़ेगा. न्यूज18 हिन्दी आपको एक ही पेज पर 543 सीटों के नाम, उन पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम, किस चरण में कौन सी तारीख को वोट डाले जाएंगे, ये बताएगा. अब ज़रा एक नज़र डालते हैं चुनाव की उन छोटी-छोटी तैयारियों पर जिन्हें हम नज़रअंदाज़ कर जाते हैं.

    Tags: BJP, Lok Sabha Election 2019, Mamata banerjee, TMC, West bengal, West Bengal Lok Sabha Constituencies Profile, West Bengal Lok Sabha Elections 2019

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