कृषि बिल के विरोध की आड़ में साजिश रच रहे खालिस्तानी संगठन, किसानों को गुमराह करने की कोशिश

SFJ का पोस्टर
SFJ का पोस्टर

अमेरिका (America) से चलाए जा रहे इस प्रतिबंधित संगठन SFJ ने बुधवार के लिए पंजाब, हरियाणा, UP और राजस्थान के ट्रक ड्राइवरों को दिल्ली जा कर प्रदर्शन करने की कॉल दी है. किसान बिल का विरोध कर रहे किसानों को SFJ सोशल मीडिया के जरिए अपनी साजिश का शिकार बनाने की कोशिश कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 10:36 PM IST
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नई दिल्ली. पंजाब और हरियाणा (Punjab and Hariyana) में कृषि विधेयकों को लेकर विरोध जारी है. केंद्र के आश्वासनों के बावजूद किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी पार्टियां भी किसानों के मुद्दे को लेकर इस प्रदर्शन को समर्थन दे रही हैं. लेकिन प्रतिबंधित संगठन सिख फ़ॉर जस्टिस (SIKH FOR JUSTICE- SFJ) इस माहौल का रुख अपने नापाक इरादों के लिए मोड़ना चाहता है.

अमेरिका से चलाए जा रहे इस प्रतिबंधित संगठन ने बुधवार के लिए पंजाब, हरियाणा, UP और राजस्थान के ट्रक ड्राइवरों को दिल्ली जा कर प्रदर्शन करने की कॉल दी है. किसान बिल का विरोध कर रहे किसानों को SFJ सोशल मीडिया के जरिए अपनी साजिश का शिकार बनाने की कोशिश कर रहा है. और इन प्रदर्शनों के जरिए खालिस्तानी एजेंडा को हवा देना चाहता है.

वहीं इस नाराजगी का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित संगठन SFJ अपने फ्लॉप 'रेफरेंडम 2020' को दोबारा जीवित करने के लिए करना चाहता है. SFJ अगले महीने कथित रेफरेंडम कराने की कॉल दी है, जिसे पूरे देश में कहीं समर्थन नहीं मिल रहा. वहीं कनाडा की सरकार ने भी इस रेफरेंडम को मान्यता देने से इंकार कर दिया है.



खालिस्तान समर्थन पर किसानों को 10 लाख डॉलर की मदद का ऐलान
हाल ही में SFJ ने खुलेआम सरकार को चुनौती देते हुए खालिस्तान को समर्थन देने के बदले किसानों को 10 लाख डॉलर की राशि देने की घोषणा की है. किसानों की मौजूदा नाराजगी का फायदा उठाते हुए SFJ ने ऐलान किया है कि वह कृषि संबंधित कर्ज न चुका पाने वाले किसानों के बीच 10 लाख डॉलर का वितरण करेगा.

SFJ ने कहा, '1 अक्टूबर से 8 अक्टूबर के बीच किसी भी धर्म से का किसान खालिस्तान रेफ्रेंडम 2020 के लिए 25 वोट रजिस्टर कर सकते हैं और अपने कृषि लोन को चुकाने के लिए 5,000 रुपये की राशि पा सकते हैं.'

किसानों ने ठुकराया SFJ का खालिस्तानी एजेंडा
SFJ का कॉल ठुकराते हुए पंजाब के किसानों ने कहा कि उनका खालिस्तान से कोई लेना-देना नहीं. और 30 सितंबर को 'दिल्ली चलो' की कॉल को कोई नहीं मानेगा. ज़महूरी किसान सभा के महासचिव कुलवंत सिंह ने न्यूज़18 से कहा कि SFJ अमेरिका में बैठक कर प्रोपगेंडा कर रहे हैं और हमारे किसानों का उनसे कोई लेना-देना नहीं. भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के प्रधान बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा कि सिख फ़ॉर जस्टिस धार्मिक मुद्दा उठाना चाहता है लेकिन कोई भी किसान धार्मिक मुद्दे पर प्रदर्शन नहीं करेगा.

सिख फ़ॉर जस्टिस है प्रतिबंधित संगठन
खालिस्तान की मांग करने वाले अलगाववादी संगठन सिख फ़ॉर जस्टिस पर भारत सरकार ने पिछले साल जुलाई में 5 सालों के लिए गैर कानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 3(1) के तहत प्रतिबंध लगाया था. खालिस्तान समर्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन अलगाववादी एजेंडे को बढ़ावा देता है. इसे अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन से कुछ चरमपंथी विदेशी सिख नागरिकों द्वारा चलाया जाता है.
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