Exclusive: सोशल मीडिया पर युवाओं को खालिस्तान के नाम पर भड़का रहा था SFJ

SFJ के पीछे विदेशों में रह रहे 7 से 8 खालिस्तानी समर्थक शामिल हैं. गुरपतवंत सिंह पन्नू और परमजीत सिंह पम्मा इसमें मुख्य रूप से सक्रिय हैं.

Shailendra Wangu | News18India
Updated: July 11, 2019, 7:06 PM IST
Exclusive: सोशल मीडिया पर युवाओं को खालिस्तान के नाम पर भड़का रहा था SFJ
वर्ल्ड कप का भी प्रचार के लिए उठाया फायदा
Shailendra Wangu | News18India
Updated: July 11, 2019, 7:06 PM IST
खालिस्तान समर्थक संगठन 'सिख फ़ॉर जस्टिस' पर गृह मंत्रालय ने बुधवार को प्रतिबंध लगाया. गृह मंत्रालय ने कहा कि यह संगठन खालिस्तान के प्रोपेगंडा को हवा दे रहा था जो पंजाब में शांति को भंग कर सकता है. एक आला अधिकारी ने बताया कि यह संगठन, सिख सुरक्षाकर्मियों को भी भड़काने की कोशिश कर रहा था.

पाकिस्तान से मांगा था खुलेआम समर्थन
पंजाब में आतंकवाद की मार झेल चुका देश ऐसे संगठनों पर समय रहते कार्रवाई कर रहा है. केवल कश्मीर नहीं, पंजाब में भी पाकिस्तान माहौल बिगाड़ने की फिराक में हैं. पाक ISI लगातार खालिस्तान प्रोपगेंडा को बढ़ावा देने के लिए फंड मुहैया कराता है. हाल ही में सिख फ़ॉर जस्टिस ने पाक से खुलेआम समर्थन मांगा था.

एसएफआई ने बैन के बहिष्कार का किया है ऐलान

लेकिन SFJ ने इस बैन का बहिष्कार करने की घोषणा की है. बैन लगने के अगले ही दिन SFJ ने एक बयान जारी कर कहा है कि वो 15 अगस्त को अमेरिका, UK, कनाडा और यूरोप में खालिस्तानी झंडा लहराएंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मामले पर वे उन देशों की सरकारों से संपर्क में हैं.

केवल 7 से 8 लोग हैं SFJ के पीछे
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि SFJ के पीछे विदेशों में रह रहे 7 से 8 खालिस्तानी समर्थक शामिल हैं. गुरपतवंत सिंह पन्नू और परमजीत सिंह पम्मा इसमें मुख्य रूप से सक्रिय हैं. सिख फ़ॉर जस्टिस ने 2007 में वजूद में आई और पिछले 4 सालों से काफी सक्रिय है. मुख्य रूप से यह संगठन 'रेफरेंडम 2020' के एजेंडे पर काम कर रहा है जो 2020 में चुनाव के ज़रिए खालिस्तान के नाम पर पंजाब राज्य को देश से अलग करना चाहता है. केवल 7 से 8 खालिस्तानी समर्थकों का संगठन है "सिख फ़ॉर जस्टिस", फिर भी SFJ के 2 लाख से ज़्यादा फॉलोअर हैं. यह बताता है कि सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों को भड़काने में SFJ कामयाब हो रहा है.
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केवल सोशल मीडिया तक सीमित है SFJ का वजूद
गृह मंत्रालय ने बताया कि SFJ से जुड़े देश में 12 मामले दर्ज हैं, जिसमें 39 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है. इन मामलों में पंजाब पुलिस 10 मामले जांच कर रही है, वहीं उत्तराखंड पुलिस और NIA एक-एक मामले की जांच कर रहे हैं. इनमें ज़्यादातर मामले रेफरेंडम 2020 के पोस्टर लगाना और लोगों को भड़काने के हैं. कुछ मामले ऐसे भी हैं, जिनमें लोगो को हिंसा भड़काने और उसके लिए हथियार मुहैया कराने का वादा करना भी शामिल है.

सोशल मीडिया पर यह संगठन बहुत सक्रिय है. ट्विटर और फेसबुक के ज़रिए लोगों को भड़काने के लिए भी सिख फ़ॉर जस्टिस काफी एक्टिव है. ट्विटर पर @Lawyer_SFJ और GPannun_2020 जैसे एकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया गया है. लेकिन फिर भी यह संगठन नए-नए एकाउंट बनाकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने प्रोपेगंडा के लिए करता है.

वर्ल्ड कप का भी प्रचार के लिए उठाया फायदा
अपने प्रोपेगंडा 2020 को लेकर SFJ भारत-UK और भारत-New Zealand के मैच में भी रेफरेंडम में भी नज़र आए. हालांकि वहां की पुलिस ने उन्हें हथकड़ी पहनाकर स्टेडियम से बाहर किया.

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First published: July 11, 2019, 7:06 PM IST
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