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कोविड के दौर में दूसरी बार होगा गणपति बप्पा का आगमन, जानें मुंबई में क्या हैं तैयारियां

बीएमसी, गणेशोत्सव कॉर्डिनेटिंग कमेटी और मुंबई पुलिस ने फैसला किया है कि इस वर्ष भी त्यौहार की ज्यादातर गाइडलाइंस बीते साल की तरह रहेंगी. (फाइल फोटो: Shutterstock)

बीएमसी, गणेशोत्सव कॉर्डिनेटिंग कमेटी और मुंबई पुलिस ने फैसला किया है कि इस वर्ष भी त्यौहार की ज्यादातर गाइडलाइंस बीते साल की तरह रहेंगी. (फाइल फोटो: Shutterstock)

Ganesh Chaturthi in Mumbai: बृह्नमुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति (BSGSS) ने प्रसिद्ध मंडलों की समुद्र में विसर्जन की मांग की थी, जिसे बीएमसी ने बीते महीने स्वीकार कर लिया था. BSGSS ने श्रद्धालुओं को 'ऑफलाइन' दर्शन की अनुमति देने की मांग की थी.

  • News18Hindi
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    मुंबई. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) में इस साल भी गणपति बप्पा के आगमन का समय आ गया है. मुंबई में भी 10 दिनों के इस पर्व को लेकर तैयारियां की गई हैं, लेकिन कोविड-19 के बढ़ते प्रभाव के चलते इस बार भी त्योहारी मौसम का उत्साह फीका हो गया है. बृह्नमुंबई महानगर पालिका ने गणेश चतुर्थी से पहले दिशा-निर्देश जारी किए हैं. बीते साल की तरह इस साल पर कई सख्त नियम जारी रहेंगे.

    कड़ाई से होगा निर्देशों का पालन
    बीएमसी, गणेशोत्सव कॉर्डिनेटिंग कमेटी और मुंबई पुलिस ने फैसला किया है कि इस वर्ष भी त्योहार की ज्यादातर गाइडलाइंस बीते साल की तरह रहेंगी. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर हर्शद काले ने कहा, ‘सार्वजनिक मूर्ति की ऊंचाई ज्यादा से ज्यादा 4 फीट हो सकती है और घर में विराजने वाली गणपति मूर्तियां 2 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. शहर में जुलूस की अनुमति नहीं होगी. हमने मुंबई में सभी मंडलों से विसर्जन के दिन आखिरी आरती घर पर ही करने के लिए कहा है.’

    मूर्ति विसर्जन
    काले ने कहा, ‘मिट्टी की मूर्तियों के विसर्जन के लिए 173 कृत्रिम विसर्जन स्थल और 70 प्राकृतिक स्थल बनाए गए हैं. साथ ही शहर में केवल 10 वॉलिंटियर्स को ही मूर्ति को समुद्र के पास और प्राकृतिक विसर्जन स्थल तक लाने की अनुमति होगी. इलाके में श्रद्धालुओं को जाने नहीं दिया जाएगा और सभी मूर्तियों को बीएमसी और एनजीओ के कार्यकर्ताओं को देना होगा. वे मूर्ति को समुद्र में विसर्जन के लिए लेकर जाएंगे.’

    बृह्नमुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति (BSGSS) ने प्रसिद्ध मंडलों की समुद्र में विसर्जन की मांग की थी, जिसे बीएमसी ने बीते महीने स्वीकार कर लिया था. BSGSS ने श्रद्धालुओं को ‘ऑफलाइन’ दर्शन की अनुमति देने की मांग की थी. समिति के अध्यक्ष नरेश दहीबावकर ने कहा कि इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है.

    ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी हुई हैं तैयारियां
    गणेश चतुर्थी राज्य के सबसे बड़े त्योहार के साथ-साथ काफी शोर वाला भी है. ऐसे में इस साल ध्वनि प्रदूषण पर भी खास ध्यान रखा जा सकता है. दहीबावकर ने कहा, ‘लालबागचा राजा के आयोजकों ने लाउडस्पीकर की अनुमति का अनुरोध किया था और हमने हमारी पिछली बैठक में इसकी मांग की थी. मंडल कार्यकर्ताओं को घोषणाओं के लिए माइक्रोफोन्स की जरूरत होगी. मेयर ने भी इसमें हमारा समर्थन किया है और बैठक में डीसीपी भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि इस पर जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी. अगर पुणे को अनुमति मिल सकती है, तो मुंबई को क्यों नहीं.’

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