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अगर NPR के लिए नहीं दी जानकारी तो देना होगा 1000 रुपये जुर्माना

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Updated: January 16, 2020, 6:52 PM IST
अगर NPR के लिए नहीं दी जानकारी तो देना होगा 1000 रुपये जुर्माना
देश भर में सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

दिसंबर में सीएए (CAA), एनपीआर (NPR) और एनआरसी (NRC) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में लेखिका अरुंधति रॉय (Arundhati Roy) ने लोगों से कहा था कि जब अधिकारी जानकारी मांगने के लिए घर आएं तो उन्हें गलत जानकारी दें.

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  • Last Updated: January 16, 2020, 6:52 PM IST
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(अरुणिमा)

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने बुधवार को जानकारी दी थी कि देश भर में इस साल होने वाली जनगणना के पहले चरण के साथ ही नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (National Population Register) भी लागू कर दिया जाएगा. वहीं अब एनपीआर (NPR) प्रक्रिया के साथ असहयोग को लेकर बढ़ती झड़प के बीच, गृह मंत्रालय (Home Ministry) की ओर से जानकारी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति एनपीआर के लिए जानकारी देने से इनकार करता है या जान-बूझकर गलत जानकारी देता है तो अधिकारी नियम के मुताबिक उस व्यक्ति पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगा सकते हैं.

गृह मंत्रालय के अधिकारी ने जानकारी दी कि नागरिकता नियम के नियम 17 के मुताबिक गलत जानकारी देने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. हालांकि, अधिकारी ने यह भी बताया कि इस प्रावधान का इस्तेमाल 2011 और 2015 के एनपीआर में नहीं किया गया था.

अरुंधति रॉय ने दिया था ये बयान

दिसंबर में सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में लेखिका अरुंधति रॉय (Arundhati Roy) ने लोगों से कहा था कि जब अधिकारी जानकारी मांगने के लिए घर आएं तो उन्हें गलत जानकारी दें. रॉय ने कहा कि जब अधिकारी एनपीआर के लिए आपके घर पर आएं तो अपने नाम रंगा-बिल्ला, कुंगफू-कट्टा बता दें.

एनपीआर के अधिकारियों ने भी कहा कि प्री-टेस्ट में किसी भी व्यक्ति ने अपने आधार, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट विवरण साझा करने में कोई संकोच नहीं किया. कुछ लोगों को बस पैन नंबर देने में आपत्ति थी.

हट सकता है पैन नंबर का ऑप्शनएक अधिकारी ने कहा, 'आपत्ति के कारण हमने पैन कार्ड का कॉलम हटाने का फैसला किया है.' इस प्री-टेस्ट में 73 जिले रखे गए थे. इसमें करीब 30 लाख लोगों का सैंपल लिया गया है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, '80% मामलों में, जवाब देने वालों ने स्वेच्छा से विवरण दिए, लेकिन पैन विवरण साझा करने में संकोच किया, जिसके बाद हमने एनपीआर में इस कॉलम को हटाने का फैसला किया है.'

वहीं गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा है कि आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर का विवरण प्रदान करना अनिवार्य नहीं है.

गृह मंत्रालय ने इन अफवाहों का किया था खंडन
कुछ मीडिया रिपोर्टों के जवाब में, MHA के प्रवक्ता ने ट्वीट किया- “जैसा कि एक खबर में बताया गया है, क्या आपके पास आधार, पासपोर्ट है? आपको एनपीआर के लिए इसका विवरण साझा करना होगा... मतदाता पहचानपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी भी जरूरी है. यह गलत जानकारी है कि एनपीआर के लिए इन दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से देना होगा. ऐसी कोई खबर सही नहीं है.'

बता दें कि एनपीआर की प्रक्रिया जनगणना के पहले चरण के साथ 1 अप्रैल से शुरू होगी.

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First published: January 16, 2020, 5:42 PM IST
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