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बीटिंग रिट्रीट: सशस्त्र बलों के बैंडों की 26 प्रस्तुतियों के साथ गणतंत्र दिवस समारोह संपन्न

भाषा
Updated: January 29, 2020, 10:59 PM IST
बीटिंग रिट्रीट: सशस्त्र बलों के बैंडों की 26 प्रस्तुतियों के साथ गणतंत्र दिवस समारोह संपन्न
बीटिंग रिट्रीट समारोह का आयोजन हर वर्ष 29 जनवरी को किया जाता है. (File Photo)

'सारे जहां से अच्छा' की प्रस्तुति ने भी सबका मन मोह लिया. जैसे ही रिट्रीट का बिगुल बजा, रायसीना हिल परिसर भव्य रंगों के प्रकाश से जगमगा उठा. इसके लिए पारंपरिक बल्बों की जगह एलईडी का इस्तेमाल किया गया.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के विजय चौक (Vijay Chowk) पर सशस्त्र बलों और केंद्रीय तथा राज्य पुलिस के बैंडों की शानदार 26 प्रस्तुतियों के साथ बुधवार को गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebration) संपन्न हो गया. इस दौरान कदमताल के साथ संगीत और भावपूर्ण शास्त्रीय प्रस्तुतियों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया.

'अभियान' से लेकर 'नृत्य सरिता' और 'गंगा जमुना' जैसी भारतीय धुनों ने बीटिंग रिट्रीट समारोह (Beating Retreat celebration) में चार चांद लगा दिए.



ऐसे हुई समारोह की शुरुआतसमारोह की शुरुआत वाहनों के काफिले के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) के आयोजन स्थल पर पहुंचने के साथ हुई.

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू (M Venkaiah Naidu), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Narvane), वायुसेना अध्यक्ष एअर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया (Air chief Marshal Rakesh Kumar Singh Bhadhauriya) और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमवीर सिंह (Admiral Karamvir Singh) भी इस अवसर पर मौजूद थे.

बैंडों ने बजाईं दो दर्जन से ज्यादा धुनें
थलसेना, वायुसेना, नौसेना, राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बैंडों ने दो दर्जन से अधिक धुनें बजाईं.



इनमें 'विजय भारत' सहित 25 धुनें भारतीय संगीतकारों ने तैयार की थीं. 'सारे जहां से अच्छा' की प्रस्तुति ने भी सबका मन मोह लिया. जैसे ही रिट्रीट का बिगुल बजा, रायसीना हिल परिसर भव्य रंगों के प्रकाश से जगमगा उठा. इसके लिए पारंपरिक बल्बों की जगह एलईडी का इस्तेमाल किया गया.



बीटिंग रिट्रीट हर वर्ष 29 जनवरी को आयोजित होता है. यह परंपरा सदियों पुरानी है जब सूर्यास्त के समय सैनिक युद्ध रोक देते थे और अपने शिविरों में लौट जाते थे.

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First published: January 29, 2020, 10:59 PM IST
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