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बीटिंग रिट्रीट में 1000 ड्रोन से जगमगाया आकाश, गणतंत्र दिवस समारोह का समापन; देखें VIDEO

बीटिंग रिट्रीट में 1000 ड्रोन से जगमगाया आकाश, गणतंत्र दिवस समारोह का समापन; देखें VIDEO

विजय चौक पर 'बीटिंग द रिट्रीट' समारोह के दौरान ड्रोन शो का खूबसूरत नजारा.

विजय चौक पर 'बीटिंग द रिट्रीट' समारोह के दौरान ड्रोन शो का खूबसूरत नजारा.

Beating Retreat Ceremony: ‘बीटिंग रिट्रीट’ सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है जो उन दिनों से चली आ रही है जब सूर्यास्त के समय सैनिक युद्ध से अलग हो जाते थे. बिगुल की धुन बजने के साथ सैनिक लड़ना बंद कर अपने हथियार समेटते हुए युद्ध के मैदान से हट जाते थे. बीटिंग रिट्रीट के साथ 24 जनवरी से शुरू करीब एक सप्ताह के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होता है. हालांकि, सरकार ने इस साल से 23 जनवरी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से ही गणतंत्र दिवस समारोह शुरू करने का फैसला किया है.

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नई दिल्ली. गणतंत्र दिवस समारोह की समाप्ति के मद्देनजर बीटिंग द रिट्रीट समारोह शनिवार को विजय चौक पर संपन्न हो गया. इस दौरान वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे.

बीटिंग रिट्रीट के समारोह का मुख्य आकर्षण स्वतंत्रता के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में होने वाला 1,000 ड्रोन का 10 मिनट का ड्रोन शो रहा. इस ड्रोन शो को स्टार्टअप ‘बोटलैब डायनेमिक्स’ द्वारा आयोजित किया गया, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इसमें सहयोग दिया.

बीटिंग रिट्रीट समारोह में विजय चौक पर ड्रोन की मदद से तरह-तरह की आकृतियां बनाई गईं. इसके साथ ही नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की प्राचीर पर लेजर शो का आयोजन भी किया गया.

क्या है ‘बीटिंग रिट्रीट’ परंपरा
आपको बता दें कि ‘बीटिंग रिट्रीट’ सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है जो उन दिनों से चली आ रही है जब सूर्यास्त के समय सैनिक युद्ध से अलग हो जाते थे. बिगुल की धुन बजने के साथ सैनिक लड़ना बंद कर अपने हथियार समेटते हुए युद्ध के मैदान से हट जाते थे.

‘अबाइड विद मी’ की धुन को ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह से हटाया गया
महात्मा गांधी के पसंदीदा ईसाई स्तुति गीतों में से एक ‘अबाइड विद मी’ की धुन को इस साल 29 जनवरी को होने वाले ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह से हटा दिया गया है. स्कॉटलैंड के एंग्लिकन कवि हेनरी फ्रांसिस लाइट द्वारा 1847 में लिखित 1950 से ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह का हिस्सा रहा है. इस साल के समारोह का समापन अबाइड विद मी’ की जगह ‘सारे जहां से अच्छा’ के साथ होगा.

बीटिंग रिट्रीट समारोह में बजाई गईं 26 धुनें
इस साल के विजय चौक पर होने वाले समारोह में जिन 26 धुनों को बजाया गया, उनमें ‘हे कांचा’, ‘चन्ना बिलौरी’, ‘जय जन्म भूमि’, ‘नृत्य सरिता’, ‘विजय जोश’, ‘केसरिया बन्ना’, ‘वीर सियाचिन’, ‘हाथरोई’, ‘विजय घोष’, ‘लड़ाकू’, ‘स्वदेशी’, ‘अमर चट्टान’, ‘गोल्डन एरोज’ और ‘स्वर्ण जयंती’ शामिल हैं.

इन धुनों ने भी बांधा समा
‘वीर सैनिक’, ‘फैनफेयर बाय बगलर्स’, ‘आईएनएस इंडिया’, ‘यशस्वी’, ‘जय भारती’, ‘केरल’, ‘हिंद की सेना’, ‘कदम कदम बढ़ाए जा’, ‘ड्रमर्स कॉल’, ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ भी उन 26 धुनों का हिस्सा रहीं, जिन्हें 29 जनवरी की शाम को बजाया गया.

गौरतलब है कि बीटिंग रिट्रीट के साथ 24 जनवरी से शुरू करीब एक सप्ताह के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होता है. हालांकि, सरकार ने इस साल से 23 जनवरी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से ही गणतंत्र दिवस समारोह शुरू करने का फैसला किया है.

Tags: Narendra modi, Republic day

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