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ट्रंप के भारत दौरे से पहले अमेरिकी कांग्रेस के नेताओं ने कश्मीर को लेकर चिंता व्यक्त की

News18Hindi
Updated: February 20, 2020, 6:27 AM IST
ट्रंप के भारत दौरे से पहले अमेरिकी कांग्रेस के नेताओं ने कश्मीर को लेकर चिंता व्यक्त की
अमी बेरा ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि वे कश्मीर में अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को लाने के इच्छुक हैं.

अमी बेरा ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि वे कश्मीर में अमेरिकी कांग्रेस (US Congress) के प्रतिनिधिमंडल को लाने के इच्छुक हैं. उन्होंने कहा कि हमने कश्मीर में नेताओं की लगातार नजरबंदी पर चिंता व्यक्त की है.

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  • Last Updated: February 20, 2020, 6:27 AM IST
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नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Tump) के भारत आने से पहले अमेरिकी कांग्रेस (US Congress)  ने बुधवार को कश्मीर के हालात और नए नागरिकता कानून (CAA) को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि देश को अपने अल्पसंख्यकों की रक्षा करनी चाहिए और अपने धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र को नहीं खोना चाहिए. अमेरिकी कांग्रेस में एशिया पैसिफिक ग्रुप ऑफ हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट चेयरमैन अमी बेरा और रिपब्लिकन जॉर्ज होल्डिंग, जो कि इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं, भारत का दौरा कर रहे हैं.

दरअसल, अमी बेरा ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि वे कश्मीर में अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को लाने के इच्छुक हैं. उन्होंने कहा कि हमने कश्मीर में नेताओं की लगातार नजरबंदी पर चिंता व्यक्त की है. हम वहां जल्द सामान्य स्थिति देखना चाहेंगे. बेरा ने यह भी कहा कि वह कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर ले जाना चाहेंगे. हमने अपनी इच्छा व्यक्त की कि हम किसी समय में एक प्रतिनिधिमंडल कश्मीर में ले जाना चाहेंगे.अमेरिकी सांसद ने भारत के जीवंत लोकतंत्र की भी प्रशंसा की और उन्होंने कहा कि 800 मिलियन हिंदू 200 मिलियन मुसलमानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रह रहे हैं.

आर्थिक विकास कश्मीर में समृद्धि लाएगा
वहीं, अपनी ओर से, होल्डिंग ने कहा कि आर्थिक विकास कश्मीर में समृद्धि लाएगा. एक स्थिर और अनुमानित राजनीतिक स्थिति को जोड़ने से क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा. जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति लगभग छह महीने पहले वापस ले ली गई थी और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था. सरकार ने इस कदम के बाद गंभीर प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें राजनीतिक नेताओं की संख्या को कम करना भी शामिल था.



 चिंता जाहिर की थी
बता दें कि इससे पहले बीते हफ्ते अमेरिकी सीनेट के चार वरिष्ठ सांसदों ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को पत्र लिखकर कश्मीर में पिछले छह महीने से ज्यादा समय से इंटरनेट बैन को लेकर चिंता जाहिर की थी. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट बैन कर दिया गया था. इसके साथ ही इस खत में हिरासत में रखे गए राजनेताओं का भी जिक्र किया गया था. अपने खत में सांसदों ने नागरिकता संशोधन कानून और सीएए का भी जिक्र किया था, जिसको लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं. दो डेमोक्रेट और दो रिपब्लिकन सीनेटरों की ओर से लिखे गए खत में कहा गया है कि भारत सरकार कश्मीर में लगातार इंटरनेट पर बैन लगाए हुए है.

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First published: February 20, 2020, 6:27 AM IST
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