चुनावी राज्यों में प्रचार अभियान के बीच बढ़ते चले गए कोरोना मामले, जानें आंकड़े

पश्चिम बंगाल में अब भी चार चरण की वोटिंग बाकी है. (तस्वीर-AP)

पश्चिम बंगाल में अब भी चार चरण की वोटिंग बाकी है. (तस्वीर-AP)

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के मुताबिक देश में कोरोना ट्रेंड ने 15 मार्च के बाद तेजी दिखानी शुरू कर दी थी. इनमें वो राज्य भी शामिल हैं जहां पर अभी विधानसभा चुनाव चल रहे हैं. इनमें असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में तो 6 अप्रैल को वोटिंग सम्पन्न हो गई लेकिन अभी पश्चिम बंगाल में 4 चरण बाकी हैं. लेकिन इसके बावजूद चुनाव प्रचार, बड़ी रैलियां पहले की तरह ही जारी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 5:46 PM IST
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नई दिल्ली. देश अब कोविड-19 की दूसरी लहर (Covid-19 Second Wave) की जबरदस्त चपेट में आ चुका है. कई राज्य सरकारों ने अपने यहां बेहद सख्त नियमों की घोषणा कर दी है. सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र (Maharashtra) में बुधवार को 15 दिनों के कर्फ्यू की शुरुआत हो गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना ट्रेंड ने 15 मार्च के बाद तेजी दिखानी शुरू कर दी थी. इनमें वो राज्य भी शामिल हैं जहां पर अभी विधानसभा चुनाव चल रहे हैं. इनमें असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में तो 6 अप्रैल को वोटिंग सम्पन्न हो गई लेकिन अभी पश्चिम बंगाल में 4 चरण बाकी हैं. लेकिन इसके बावजूद चुनाव प्रचार, बड़ी रैलियां पहले की तरह ही जारी हैं.

17 मार्च को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई एक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कोराना के खिलाफ मिली सफलता को लापरवाही में नहीं गंवाना है और 'टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट' के फॉर्मूले पर काम करना है. ये उपाय कोरोना की दूसरी लहर का पीक रोकने के लिए सुझाए गए. लेकिन इसके बावजूद जब चुनाव प्रचार परवान चढ़ा तो तकरीबन सभी पार्टियों की रैली में कोरोना नियमों का बिल्कुल पालन नहीं हुआ. मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियम बिल्कुल ताक पर रख दिए गए.

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पश्चिम बंगाल
राज्य में 8 चरणों में मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है. चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है और चार चरणों की बाकी है. 27 मार्च को पहले चरण की वोटिंग थी और 29 अप्रैल को आखिरी चरण की वोटिंग होगी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में एक मार्च को महज 200 कोरोना मामले सामने आए थे. लेकिन अब चुनाव प्रचार के बीच की बात करें तो 13 अप्रैल को 3798 मामले आए हैं. इस दौरान राज्य में 10,10,086 टेस्ट हुए और 170 मौतें हुईं.

तमिलनाडु

1 मार्च को राज्य में महज 470 मामले दर्ज किए गए. लेकिन 13 अप्रैल को ये संख्या बढ़कर 5715 हो गई. राज्य की सभी 234 सीटों पर 6 अप्रैल को वोटिंग संपन्न हो चुकी है. लेकिन एक मार्च से लेकर 4 अप्रैल तक राज्य में जबरदस्त चुनाव प्रचार चला. इस बीच मामले भी बढ़ते रहे.



केरल

केरल एक ऐसा राज्य है जहां पर मार्च की शुरुआत में भी कोरोना के नए मामलों की संख्या अच्छीखासी थी. एक मार्च को राज्य में 3496 केस सामने आए थे जो बढ़कर 13 अप्रैल को 5615 हो गए. इस दौरान 2,365,420 कोविड टेस्ट हुए और 604 मौतें हुईं. खुद राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी कोरोना संक्रमित हो गए.

असम

उत्तर-पूर्व के सबसे बड़े राज्य असम में एक मार्च को महज 23 केस ही सामने आए थे जो 13 अप्रैल को बढ़कर 378 हो गए. इस दौरान 8,18,546 कोविड टेस्ट हुए 26 मौतें हुईं.

पुडुचेरी

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में एक मार्च को 19 केस सामने आए थे जो 13 अप्रैल को 313 हो गए. इस दौरान राज्य में कुल 80,711 टेस्ट हुए और 27 मौतें हुईं.
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