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बंगाल चुनाव 2021: चुनावी सरगर्मी के बीच मिथुन चक्रवर्ती से मिले संघ प्रमुख मोहन भागवत, अटकलें हुईं तेज

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

West Bengal Assembly Election 2021: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ये मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 16, 2021, 12:42 PM IST
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नई दिल्ली. इस साल अप्रैल-मई में पश्चिम बंगाल होने वाले विधान सभा चुनाव (Bengal Assembly Election 2021) के लिए राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज़ हो गई हैं. इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty) से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) ने मुलाकात की है. दोनों शख्सियतों की ये मुलाकात मुंबई में मिथुन चक्रवर्ती के घर पर हुई. पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ये मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है. फिलहाल मोहन भागवत की तरफ से इस मीटिंग को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. अक्टूबर 2019 में भी मोहन भागवत और मिथुन चक्रवर्ती की मुलाकात हुई थी. मोहन भागवत से मिलने को लेकर मिथुन चक्रवर्ती ने कहा है कि इस मुलाकात को लेकर कोई अटकलें न लगाएं. उन्होंने कहा कि भागवत से उनका आध्यात्मिक जुड़ाव है. चक्रवर्ती ने ये भी कहा कि पिछले दिनों वो उनसे लखनऊ में मिले थे और तब उन्होंने उनसे मुंबई में घर पर आने के लिए कहा था.

क्या बीजेपी में शामिल होंगे मिथुन?
मिथुन ने इन अटकलों को भी खारिज किया है कि वो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा है कि ऐसा कुछ भी नहीं है. बता दें कि बंगाल में इस साल होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी को मुखयमंत्री के तौर पर किसी बड़े चेहरे की तलाश है. ममता बनर्जी को टक्कर देने के लिए बीजेपी ने फिलहाल किसी के नाम का ऐलान नहीं किया है. इससे पहले बीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के नाम को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म था.



मिथुन चक्रवर्ती का राजनीतिक सफर
बता दें कि मिथुन चक्रवर्ती का राजनीति से पुराना रिश्ता रहा है. अप्रैल 2014 में तृणमूल कांग्रेस की तरफ से वो राज्यसभा में सांसद थे. लेकिन दिसंबर 2016 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उस वक्त टीएमसी की तरफ से कहा गया था कि खराब स्वास्थ्य के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया. लेकिन उन दिनों ये भी कहा गया था कि टीएमसी राज्यसभा में उनके अटेंडेंस को लेकर खुश नहीं थी. वो राज्यसभा में ना के बराबर आते थे. इसके अलावा न तो वो किसी बहस में शामिल हुए और न ही उन्होंने राज्यसभा में कोई सवाल पूछा.
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