लाइव टीवी

केरल, पंजाब और राजस्‍थान के बाद पश्चिम बंगाल में CAA के खिलाफ प्रस्‍ताव पास

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 5:15 PM IST
केरल, पंजाब और राजस्‍थान के बाद पश्चिम बंगाल में CAA के खिलाफ प्रस्‍ताव पास
Bengal Becomes 4th State to Pass Anti CAA Resolution

पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा में सोमवार को नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्‍ताव पास हुआ. बंगाल देश का चौथा राज्‍य है जहां सीएए (CAA) के खिलाफ प्रस्‍ताव पास हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2020, 5:15 PM IST
  • Share this:
कोलकाता. केरल, पंजाब और राजस्‍थान के बाद अब पश्चिम बंगाल (West Bengal) सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रस्‍ताव पारित किया है. सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पर विधानसभा में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा, 'तुच्छ मतभेदों को दूर रखने और देश को बचाने के लिए एकजुट होने का वक्त आ गया है. सीएए जनविरोधी है, इस कानून को फौरन निरस्त किया जाना चाहिए.' ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली में एनपीआर बैठक में शामिल नहीं होने की बंगाल के पास कुव्वत है. अगर भाजपा चाहे तो मेरी सरकार बर्खास्त कर सकती है.

हमें सरकार की बैठक में भाग नहीं लेना चाहिए: ममता
इससे पहले कोलकाता के नेताजी इंडोर स्‍टेडियम में पार्टी के कार्यक्रम में ममता ने कहा कि सीएए-एनपीआर-एनआरसी का विरोध करने वाले राज्यों को केंद्र द्वारा बुलाई गई एनपीआर की बैठक में भाग नहीं लेना चाहिए था. उन्‍होंने कहा कि टीएमसी इसका कड़ा विरोध कर रही है. हमने राष्‍ट्रपति के पास एक प्रतिनिधिमंडल भी भेजा था. जिसमें आठ पार्टियों ने हमारा साथ दिया था. हालांकि अब विरोध करने वाली कई पार्टियां हमारे साथ नहीं हैं.

ममता ने कहा- संविधान की भावना के खिलाफ CAA

ममता बनर्जी ने कहा कि सीएए संविधान की भावना के खिलाफ है. लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. यह पूरी तरह से लोगों का निर्णय है. सीपीएम और कांग्रेस को भी इस लड़ाई में साथ आना चाहिए. हमने सबसे पहले आवाज उठाई. पिछले साल सितंबर में बंगाल विधानसभा में सबसे पहले एनआरसी पर चर्चा की गई. ममता बनर्जी ने कहा कि देश भर में असहिष्णुता और नफरत फैलाई जा रही है. हम उन लोगों का समर्थन नहीं कर सकते जो इस देश को विभाजित करना चाहते हैं.

क्‍या है प्रस्‍ताव में
पश्चिम बंगाल विधानसभा में पास किए गए प्रस्‍ताव में सीएए को रद करने, राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को निरस्‍त करने की अपील की गई है. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल देश का ऐसा चौथा राज्‍य बन गया है, जहां पर सीएएम के खिलाफ प्रस्‍ताव पास किया गया.राज्‍य में सीएए को लेकर घमासाल चल रहा है. बीजेपी इस कानून को राज्‍य में लागू करने पर जोर दे रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध कर रही है. इससे पहले राजस्‍थान में 25 जनवरी, पंजाब में 17 जनवरी और केरल में 31 दिसंबर को सीएए के खिलाफ प्रस्‍ताव पास किया गया था.

 

ये भी पढ़ें: 

ममता ने शाह से कहा- CAA की धाराओं को स्पष्ट करें, केंद्र पर लगाया झूठ फैलाने का आरोप

NPR खतरनाक खेल, यह NRC का पूर्व संकेत: ममता बनर्जी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 27, 2020, 4:38 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर