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दिलीप घोष ने फहराया उल्टा तिरंगा, TMC बोली- ये देश और राज्य चलाने के काबिल नहीं

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने गणतंत्र दिवस पर उल्टा झंडा फहराया. (फाइल फोटो: ANI)
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने गणतंत्र दिवस पर उल्टा झंडा फहराया. (फाइल फोटो: ANI)

West Bengal: बीजेपी कार्यालय में झंडा फहराने पहुंचे दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने उल्टा झंडा फहरा दिया. इस झंडे में हरा रंग सबसे ऊपर था, जबकि केसरिया नीचे. उन्होंने गलती का पता लगने के बाद ही झंडे को उतार लिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2021, 10:21 AM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख दिलीप घोष गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर गलती कर बैठे. उन्होंने बीरभूमि स्थित पार्टी कार्यालय में उल्टा तिरंगा फहरा दिया था. हालांकि, जैसे ही घोष अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत तिरंगे (Tricolor) को उतारा और उसे ठीक तरह से दोबारा फहराया. बंगाल बीजेपी प्रमुख की इस गलती पर तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) ने तंज कसा है. टीएमसी ने बीजेपी को अयोग्य करार दे दिया है.

बीजेपी कार्यालय में झंडा फहराने पहुंचे दिलीप घोष ने उल्टा झंडा फहरा दिया. इस झंडे में हरा रंग सबसे ऊपर था, जबकि केसरिया नीचे. उन्होंने गलती का पता लगने के बाद ही झंडे को उतार लिया था. वहीं, टीएमसी ने इस मौके का फायदा उठाकर भगवा दल पर निशाना साधा है. टीएमसी ने कहा है कि राष्ट्रीय ध्वज सही तरह से नहीं फहरा सकते, वे देश या राज्य चलाने के काबिल नहीं हैं.

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इसपर घोष ने कहा 'वह शर्मिंदा करने वाला लम्हा था और ऐसा गलती से हुआ. राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना किसी का भी सोच नहीं होत है.' बंगाल बीजेपी प्रमुख ने कहा 'मैंने पार्टी सदस्यों से भविष्य में इस बात का ध्यान रखने के लिए कह दिया है.' जबकि, टीएमसी के जिला प्रमुख अनुब्रत मंडल ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा 'जो राष्ट्रीय ध्वज का ठीक तरह से फहराया जाना सुनिश्चित नहीं कर सकते, वे देश या रज्य चलाने के काबिल नहीं है.'

विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सियासी माहौल गरमाया हुआ है. राज्य में बीजेपी कई महीनों पहले से ही सक्रिय हो गई थी. टीएमसी के कई बड़े नेताओं ने दल बदल लिया है. इसी बीच घोष ने बीते रविवार को कहा था कि बंगाल में सत्ता में आने और जनाधार बढ़ाने के लिए पार्टी को दूसरे राजनीतिक दलों के लोगों को शामिल करना जरूरी है. वहीं, उन्होंने जोर देकर कहा था 'राजनीतिक पार्टी बदलना हमेशा आपको नेतृत्व के पदों की गारंटी नहीं देता है.' पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं.
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