अपना शहर चुनें

States

बंगाल चुनाव: वाम मोर्चा, कांग्रेस के बीच जनवरी के अंत तक होगा सीटों का बंटवारा

294 सदस्यीय बंगाल विधानसभा में अप्रैल-मई में चुनाव होने वाले हैं.(सांकेतिक फोटो)
294 सदस्यीय बंगाल विधानसभा में अप्रैल-मई में चुनाव होने वाले हैं.(सांकेतिक फोटो)

West Bengal Assembly Elections: लोकसभा में कांग्रेस के नेता चौधरी ने कांग्रेस और वाम मोर्चा के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘एक तरफ सांप्रदायिक भाजपा और दूसरी तरफ फासीवादी टीएमसी को हराने के लिए हमें लोकतांत्रिक गठबंधन के तौर पर मिलकर लड़ना होगा.’’

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 10:10 PM IST
  • Share this:
कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में ‘‘सांप्रदायिक’’ भाजपा और ‘‘फासीवादी’’ तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से साथ मिलकर लड़ने का संकल्प जताते हुए वाम मोर्चा और कांग्रेस ने रविवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों (West Bengal Election 2021) के लिए इस महीने के अंत तक उनके बीच सीट बंटवारे पर समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने बैठक के बाद कहा कि उनकी पार्टी और वाम मोर्चा के बीच सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए आगे भी बैठक होगी.

दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच सीट बंटवारे पर समझौता के लिए आज बैठक हुई. वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि हालांकि ‘‘भाजपा देश की सबसे बड़ी दुश्मन है’’ लेकिन पश्चिम बंगाल की स्थिति को देखते हुए लड़ाई तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों के खिलाफ है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता चौधरी ने कांग्रेस और वाम मोर्चा के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘एक तरफ सांप्रदायिक भाजपा और दूसरी तरफ फासीवादी टीएमसी को हराने के लिए हमें लोकतांत्रिक गठबंधन के तौर पर मिलकर लड़ना होगा.’’

कांग्रेस के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चुनाव लड़ेगी वाम मोर्चा
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और वाम मोर्चा के बीच सौहार्दपूर्ण और दोस्ताना माहौल में बातचीत हो रही है. चौधरी के विचारों से सहमति जताते हुए बोस ने कहा कि जनवरी में दोनों पार्टी द्वारा विधानसभा सीटों पर लड़ी जाने वाली सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. बोस ने कहा, ‘‘हम, वाम मोर्चा और कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर चुनाव लड़ना चाहते हैं ताकि राज्य और देश के लोगों को बचाया जा सके.’’
सीट बंटवारे को लेकर कोई गलतफहमी नहीं है


उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे पर वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच कोई गलतफहमी नहीं है. भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए टीएमसी द्वारा दोनों दलों को सत्तारूढ़ दल से हाथ मिलाने के सुझाव पर बोस ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने पश्चिम बंगाल में भगवा दल को पैर जमाने का मौका दिया है.

अप्रैल-मई में होंगे विधानसभा चुनाव
उन्होंने कहा, ‘‘यह (सुझाव) टीएमसी द्वारा राज्य के लोगों को गुमराह करने का प्रयास है.’’ सूत्रों ने बताया कि दोनों दल जल्द ही कोलकाता में बड़ी रैली का आयोजन करेंगे. 294 सदस्यीय बंगाल विधानसभा में अप्रैल-मई में चुनाव होने वाले हैं.

2016 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों दलों ने गठबंधन किया था और 294 सदस्यीय विधानसभा में 76 सीटों पर जीत दर्ज की थी. हालांकि 2019 के लोकसभा चुनावों में दोनों दल अलग-अलग लड़े और कांग्रेस को जहां दो सीटों पर जीत हासिल हुई वहीं 1977 से 2011 तक राज्य में शासन करने वाले वाम मोर्चा को एक भी सीट पर जीत नसीब नहीं हुई.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज