पश्चिम बंगाल: गवर्नर जगदीप धनखड़ ने नारदा घोटाले में TMC के टॉप नेताओं पर केस चलाने को मंजूरी दी

बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है.

बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है.

राज्‍यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने नारदा घोटाले (Narada scam) में पूर्व मंत्रियों और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष पदाधिकारियों फ़रहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की गई है.

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) और राज्‍य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है. दरअसल ममता बनर्जी के मंत्रीमंडल के शपथ ग्रहण से ठीक पहले राज्‍यपाल जगदीप धनखड़ ने नारदा घोटाले (Narada scam) में पूर्व मंत्रियों और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष पदाधिकारियों फ़रहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की गई है.

बता दें कि सीबीआई की जांच का सामना कर रहे मंत्रियों में से दो को राज्‍यपाल द्वारा आज स्‍वयं शपथ दिलाई जाएगी. रविवार को जारी 43 मंत्रियों की सूची में सुब्रत मुखर्जी और फिरहाद हकीम का नाम भी शामिल है. राज्‍यपाल की ओर से दी गई इस मंजूरी के बाद से मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की भौहें चढ़ गई हैं. इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बड़ी लड़ाई के रूप में बदल गया था लेकिन चुनाव में टीएमसी में मिली शानदार जीत ने ममता बनर्जी को एक बड़े नेता के रूप में पेश किया है. ऐसे में उनके मंत्रियों पर किसी भी तरह की कार्रवाई अब ममता को रास नहीं आ रही है. इस मामले में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारी का नाम भी शामिल है लेकिन लोकसभा स्‍पीकर ओम बिड़ला की ओर से मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं मिलने के कारण सीबीआई ने अभी तक उनपर मुकदमा नहीं चलाया है.


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राजभवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्टों पर ध्यान देने के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्य होने वाले व्यक्तियों के संबंध में अभियोजन के लिए मंजूरी दी है. राज्‍यपाल ने फ़रहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी के संबंध में अभियोजन के लिए मंजूरी दी है. जिस समय ये अपराध किया गया था उस वक्‍त ये सभी पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्रियों का पद संभाल रहे थे.

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क्‍या है नारदा घोटाले



गौरतलब है कि साल 2014 में दिल्ली का एक पत्रकार कोलकाता आया था. उसने अपने आपको एक बिजनेस मैन की तरह बताया और बंगाल में निवेश करने की योजना बनाते हुए सात तृणमूल सांसदों, चार मंत्रियों, एक विधायक और एक पुलिस अधिकारी को रिश्वत के रूप में नकद राशि देते हुए पूरे ऑपरेशन को टेप किया. राज्य में 2016 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस टेप को जारी किया गया था. इस टेप के मीडिया में आने के बाद विपक्ष ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोल दिया था.

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