ममता के 'अल्‍पसंख्‍यक एकता' वाले बयान पर क्‍यों हमलावर है BJP, समझिए मुस्लिम वोट शेयर

ममता के बयान पर अमित शाह बोले- दीदी को अल्‍पसंख्‍यकों की चिंता, अन्‍य से नहीं मांगा वोट

ममता के बयान पर अमित शाह बोले- दीदी को अल्‍पसंख्‍यकों की चिंता, अन्‍य से नहीं मांगा वोट

West Bengal Assembly Election 2021: अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी की अपील यह स्‍पष्‍ट तौर पर दिखाती है कि अल्‍पसंख्‍यक वोट भी अब टीएमसी से दूर जा रहे हैं. वह चुनाव हारने से डरती हैं.

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) के प्रचार के बीच आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर भी जारी है. देश के गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया. अमित शाह ने कहा, 'ममता बनर्जी 'अल्‍पसंख्‍यक मतदाताओं' के समर्थन का प्रयास कर रही हैं. उन्‍हें पता होना चाहिए कि इस बयान को बाकी लोग भी सुन रहे हैं. विशेषज्ञों ने ममता के स्‍पष्‍ट संदेश को समझा है. अब लोगों को सोचना है कि उन्‍हें क्‍या करना चाहिए.

अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी की अपील यह स्‍पष्‍ट तौर पर दिखाती है कि अल्‍पसंख्‍यक वोट भी अब टीएमसी से दूर जा रहे हैं. वह चुनाव हारने से डरती हैं. कोलकाता में एक प्रेस वार्ता के दौरान अमित शाह ने कहा, 'ममता दीदी को पता होना चाहिए कि सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, सभी समुदाय के लोग उन्‍हें सुन रहे हैं. बाकी लोगों को यह समझना होगा कि आपसे तो वह वोट मांग ही नहीं रही हैं, तो क्‍या आपका वोट देना ठीक है. ये आपको तय करना है.'

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बंगाल की 90 सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं का दबदबा

बता दें कि बंगाल में 34 साल तक वाम मोर्चा ने राज किया था. राज्‍य में 31 फीसदी से ज्‍यादा मुस्लिम वोट शेयर को इसका मुख्‍य कारक माना जाता है. वर्ष 2011 में ममता बनर्जी भी मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन से सत्‍ता में आईं थीं. अगली सरकार बनने में भी यह फैक्‍टर कारगर सिद्ध होगा. बीजेपी इस बात को बखूबी जानती है. राज्‍य की 294 में से 90 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं का दबदबा है. अगर इन विधानसभा सीटों पर मुस्लिमों का वोट बंटता है तो ममता बनर्जी की सत्‍ता में वापसी की उम्‍मीद खतरे में पड़ जाएगी.





इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के संस्‍थापक अब्‍बास सिद्दीकी जो वाम-कांग्रेस गठबंधन में शामिल हो गए हैं, टीएमसी के खेल को खराब कर सकते हैं और मुस्लिम वोट शेयर को बांटकर बीजेपी की संभावनाओं को बेहतर कर सकते हैं.
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