चुनाव बाद हिंसा की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पहुंची केंद्रीय टीम ने राज्यपाल से की मुलाकात

West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के कारणों की जांच के लिए गठित, केंद्रीय गृह मंत्रालय के चार सदस्यीय दल ने शुक्रवार को यहां राज्यपाल जगदीप धनकड़ से मुलाकात की.

West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के कारणों की जांच के लिए गठित, केंद्रीय गृह मंत्रालय के चार सदस्यीय दल ने शुक्रवार को यहां राज्यपाल जगदीप धनकड़ से मुलाकात की.

West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के कारणों की जांच के लिए गठित, केंद्रीय गृह मंत्रालय के चार सदस्यीय दल ने शुक्रवार को यहां राज्यपाल जगदीप धनकड़ से मुलाकात की.

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal Assembly Election) में चुनाव बाद हुई हिंसा के कारणों की जांच के लिए गठित, केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) के चार सदस्यीय दल ने शुक्रवार को यहां राज्यपाल जगदीप धनकड़ से मुलाकात की. मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में गठित यह चार सदस्यीय दल गुरुवार को कोलकाता पहुंचा था. अधिकारियों के मुताबिक, दल के सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात से पहले राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से सचिवालय में गुरुवार को मुलाकात की थी.

दल के सदस्यों ने दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों का दौरा किया था और पीड़ित परिवारों तथा स्थानीय लोगों से मुलाकात की थी. ज्ञात हो कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर राज्य में कानून व व्यवस्था की स्थिति पर राज्यपाल से रिपोर्ट मांगी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव पश्चात हुई हिंसा में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 16 लोगों की जान गई है.

भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थित ‘गुंडों’ ने कई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की है, उसकी महिला सदस्यों पर हमले किए, घरों में तोड़फोड़ की और दुकानों को लूट लिया. हालांकि बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि जिन क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं वहां चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है.

टीम जमीनी हालात का आकलन करेगी और शहर के कई इलाकों के साथ-साथ दक्षिण 24 परगना, गदखाली, सुंदरबन और जग्गदल का दौरा कर सकती है.
गृह मंत्रालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को चुनाव बाद हिंसा को लेकर विस्तृत रिपोर्ट देने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बिना समय गंवाए जरूरी उपाय करने के लिए एक संक्षिप्त स्मरण भेजा था. इसने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से भी राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर एक रिपोर्ट देने को कहा है, खासकर दो मई को चुनाव परिणामों के बाद हुई हिंसा पर.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि राज्य में चुनाव बाद भड़की हिंसा में 16 लोगों की मौत हो गई. भाजपा ने आरोप लगाया है कि टीएमसी समर्थित गुंडों ने उसके कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी, महिला सदस्यों पर हमला किया है और घरों में तोड़फोड़ की तथा दुकानों में लूटपाट की. आरोपों को खारिज करते हुए, बनर्जी ने बुधवार को कहा था कि उन इलाकों में हिंसा और झड़पें हुई हैं, जहां विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार विजयी हुए हैं.




इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक फिरहाद हकीम ने कोविड-19 टीका भेजने के बजाय टीम भेजने पर केंद्र पर प्रहार किया है. उन्होंने कहा, 'उन्हें पहले टीके भेजना चाहिए, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारी है. हमें दुख है कि कुछ लोगों की मौत हो गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.' हकीम ने कहा, 'लेकिन, टीका प्रक्रिया का क्या होगा जो टीका संकट के कारण ठप है?'

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