पश्चिम बंगाल में अभिनेता ने ज्वाइन की BJP तो थियेटर ग्रुप ने नाटक से निकाला

बीजेपी ज्वाइन करने पर अभिनेता कौशिक कार को थियेटर ग्रुप ने निकाल दिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

बीजेपी ज्वाइन करने पर अभिनेता कौशिक कार को थियेटर ग्रुप ने निकाल दिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

कलाकार कौशिक कार (Kaushik Kar) को भाजपा में शामिल होने के कारण नाटक से हटा दिया गया है. नाटक ‘घूम नेई’ उत्पल दत्त के क्लासिक नाटक पर आधारित है जिसमें वाम विचारधारा के चश्मे से देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को दर्शाया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 9:49 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में सामाजिक-आर्थिक विषयों पर नाटकों के मंचन के लिए मशहूर एक थिएटर ग्रुप के एक अभिनेता के भाजपा में शामिल होने के बाद इस ग्रुप ने उन्हें अपने नाटक से बाहर कर दिया है. सौरभ पालोधी (Saurav Palodhi) ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया कि कलाकार कौशिक कार (Kaushik Kar) को भाजपा में शामिल होने के कारण नाटक से हटा दिया गया है. पालोधी का नाटक ‘घूम नेई’ उत्पल दत्त के क्लासिक नाटक पर आधारित है जिसमें वाम विचारधारा के चश्मे से देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को दर्शाया गया है.

कार को पालोधी के ग्रुप ‘इच्छेमोतो’ ने 2019 में एक किरदार को निभाने के लिए बुलाया था. यह किरदार 2015 के दादरी मामले से प्रेरित था जिसमें ‘बीफ’ खाने के संदेह में भीड़ ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. पालोधी वामपंथी विचारधारा के हैं. उन्होंने तीन दिन पहले फेसबुक पर पोस्ट किया, ‘हम लोग कौशिक कार को ‘घूम नेई’ से तत्काल प्रभाव से हटा रहे हैं क्योंकि वह भाजपा में शामिल हो गये हैं. इस वक्त उन्हें नाटक से हटाने का यह कारण पर्याप्त है. कामकाजी वर्ग के नाटक में सांप्रदायिक तत्वों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती है.’ थिएटर ग्रुप जल्द ही ‘घूम नेई’ के अगले शो की तारीख की घोषणा करेगा.

सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं

इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. आरका रॉय ने कहा, ‘क्या यह किसी कलाकार की आजादी का उदाहरण है? क्या यह लोकतांत्रिक अधिकार है? क्या एक कलाकार को वामपंथी या दक्षिणपंथी विचारधारा के आधार पर परखा जाना चाहिए...? कोई व्यक्ति किस राजनीतिक पार्टी में जाना चाहता है, यह उस पर छोड़ देना चाहिए. किसी को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है.’
दिया गया स्पष्टीकरण

पालोधी ने कहा कि वह अपने फैसले पर अटल हैं क्योंकि ‘यह नाटक भाजपा की विचारधारा के उलट है और उस पार्टी से जुड़ा कोई व्यक्ति ‘घूम नेई’ का हिस्सा नहीं बन सकता.’ उन्होंने कहा, ‘कौशिक कार की मौजूदा राजनीतिक पहचान को जानते हुए नाटक से उनका जुड़े रहना नाटक की मूल भावना तथा जिस कामकाजी वर्ग के लिए इसे बनाया गया है, उसके साथ अन्याय होगा.’
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