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बेंगलुरु कोविड बेड घोटाला: भाजपा विधायक के PA से जुड़े बिचौलिए के तार, 4 गिरफ्तार

बेंगलुरु में कोविड मरीजों को अस्‍पताल में बेड दिलाने के नाम पर हो रहा था बड़ा घोटाला.

Bengaluru COVID Bed Scam: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बिचौलिए का कथित तौर पर वॉर रूम (War room) में सीधे आना जाना था. इस बिचौलिए की अस्‍पतालों में बेड ब्‍लॉक करने में अहम भूमिका थी.

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    बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच अस्‍पतालों में बिस्‍तर ब्‍लॉक करने का मामला इन दिनों चर्चा में है. बीजेपी दक्षिण बेंगलुरु के सांसद तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) द्वारा हाल ही में बेंगलुरु ब्रुहत महानगर पालिका (BBMP) की केंद्रीय प्रणाली के माध्यम से बिस्तरों के आबंटन में अनियमितता के खुलासे के बाद जांच में जुटी पुलिस ने BBMP साउथ जोन वॉर रूम से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है. बताया जाता है कि इस घोटाले की जांच में पुलिस ने आठ जोनल वॉर रूम और 16 अलग-अलग अस्पतालों में छापा मारा था. पुलिस की जांच में पता चला है कि इस पूरे घोटाले में एक बिचौलिए का भी बड़ा हाथ है जो एक बीजेपी विधायक के पीए से जुड़ा हुआ है.

    जांच में पता चला है कि बिचौलिए का कथित तौर पर वॉर रूम में सीधे आना जाना था. इस बिचौलिए की अस्‍पतालों में बेड ब्‍लॉक करने में अहम भूमिका थी. पुलिस अभी इस बिचौलिए को गिरफ्तार नहीं कर पाई है क्‍योंकि वो कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अस्‍पताल में भर्ती है.

    गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से एक, दक्षिण क्षेत्र वार रूम का संचालक रिहान है. रिहान ने कथित तौर पर एक व्यक्ति के नाम पर पिछले महीने विभिन्न अस्पतालों में दो एचडीयू (उच्च-निर्भरता इकाई) बेड और एक आईसीयू बिस्तर ब्‍लॉक किया था. जिस व्‍यक्ति के नाम पर बेड ब्‍लॉक किए गए थे उसमें कोरोना के काफी हल्‍के लक्षण थे और वह शहर छोड़कर झारखंड चला गया था. रिहान ने कथित तौर पर 10 बार से अधिक बार इसी तरीके से बेड को ब्‍लॉक किया है.

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    गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में शशी भी शामिल हैं, जो वॉर रूम में एक ऑपरेटर हैं और दो अन्‍य लोग रोहित कुमार और नेत्रवती हैं. पुलिस ने कहा कि कोविड 19 बेड को ब्लॉक करने के बाद मरीजों को खांसने के लिए 15,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक दिए जाते थे. पुलिस ने जांच में बताया कि अस्‍पतालों में बेड ब्‍लॉक करने का ये एक संगठित रैकेट है जो अस्‍पतालों में बेड दिलाने के नाम पर पैसे लिया करता था. इस पूरे सिस्‍टम पर किसी भी निगरानी नहीं थी. सूत्रों के मुताबिक इस पूरे घोटाले में अब डॉक्टरों, अस्पतालों, आरोग्य मित्र और बीबीएमपी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

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    तेजस्वी सूर्या ने वॉर रूम से माफी थी मांगी
    गौरतलब है कि दो दिन पहले सूर्या, अपने संसदीय क्षेत्र दक्षिण बेंगलुरु स्थित बीबीएमपी के वॉर रूम पहुंचे और वहां उन्होंने एक वीडियो बनाया. उनके साथ चार और विधायक थे जो वॉर रूम में मौजूद 16 मुस्लिम कर्मचारियों के नाम पढ़ते हैं, वहीं एक अन्य विधायक यह कहते हुए पाए जाते हैं कि यह हेल्पलाइन है या मदरसा. दावा किया गया कि वॉर रूम के ये 16 सदस्य, बिस्तर आवंटन घोटाले में लिप्त हैं, लेकिन तथ्यों की जांच करने पर पाया गया कि इन 16 में से सिर्फ एक ही शख्स बिस्तर आवंटन टीम का सदस्य है और वह भी हाल ही में अस्थायी रूप से पिछले हफ्ते ही टीम में शामिल हुआ है
    Published by:Shikhar Srivastava
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