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Coronavirus 2nd Wave: अब 10 साल से कम उम्र के बच्चों को तेजी से शिकार बना रहा कोरोना, मासूम मरीजों की संख्या में इजाफा

मार्च के पहले हफ्ते में ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिके में 10 साल के उम्र के 8-11 बच्चों में कोरोना वायरस मिला है. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

मार्च के पहले हफ्ते में ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिके में 10 साल के उम्र के 8-11 बच्चों में कोरोना वायरस मिला है. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

Coronavirus Update: जानकारों का कहना है कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर (Second Wave) ने बीते साल के मुकाबले इस बार बच्चों को ज्यादा प्रभावित किया है. कई बच्चे बाहर ज्यादा समय बिता रहे हैं, परिवार बाहर जा रहे हैं. बेंगलुरु में इस महीने मिले 472 मामलों में 244 बच्चे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2021, 8:03 AM IST
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बेंगलुरु. देश एक बार फिर कोरोना वायरस (Coronavirus 2nd Wave) की जद में जाता हुआ नजर आ रहा है. कई राज्यों में नए मामले और एक्टिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. इस दौरान कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु  ने चिंता बढ़ाई है. यहां 10 साल से कम उम्र के बच्चें संक्रमण का ज्यादा शिकार हो रहे हैं. इस आयुवर्ग के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है. इस महीने 10 साल से कम उम्र के 472 बच्चे कोविड पॉजिटिव मिल चुके हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि वीकेंड्स पर यह संख्या 500 को पार कर सकती है.

जानकारों का कहना है कि दूसरी लहर ने बीते साल के मुकाबले इस बार बच्चों को ज्यादा प्रभावित किया है. कई बच्चे बाहर ज्यादा समय बिता रहे हैं, परिवार बाहर जा रहे हैं. ऐसे में वायरस फैलने की संभावना बढ़ गई है. इस महीने मिले 472 मामलों में 244 लड़के हैं. जबकि, लड़कियों की संख्या 228 है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के कोविड-19 को लेकर गठित टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य ने कहा है कि वे बढ़ते मामलों से हैरान नहीं हैं.

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उन्होंने कहा 'एक साल पहले, बच्चों में मामले इतने ज्यादा नहीं थे क्योंकि वे वायरस के संपर्क में नहीं आ रहे थे. लॉकडाउन के दौरान वे घर में बंद थे. अब वे पार्क जा रहे हैं या अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स की एक जगह पर खेल रहे हैं.' उन्होंने आगे कहा है कि बच्चे भी कोरोना वायरस फैलने का कारण बन सकते हैं. जानकारों का कहना है कि बच्चों को सही तरीके से मास्क पहनाना और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराना मुश्किल है.

कमेटी सदस्य का कहना है 'जब वे पैरेंट्स के साथ शादी जैसे कार्यक्रमों में जाते हैं, तो भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं. ऐसे माहौल में बच्चे सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं.' मार्च के पहले हफ्ते में ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिके में 10 साल के उम्र के 8-11 बच्चों में कोरोना वायरस मिला है. बीते हफ्ते में यह रेंज प्रतिदिन 32 से 46 मामलों तक बढ़ गई है.
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